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बस पर पहाड़ से मलबा गिरा, 18 की मौत, PM और CM सुक्खू ने जताया शोक

Shantanu Roy
7 Oct 2025 10:05 PM IST
बस पर पहाड़ से मलबा गिरा, 18 की मौत, PM और CM सुक्खू ने जताया शोक
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Bilaspur. बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब झंडूता विधानसभा क्षेत्र के भल्लू पुल के पास एक यात्री बस पर पहाड़ से मलबा गिर गया। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। शुरुआती रिपोर्टों में न्यूज एजेंसी PTI ने 18 लोगों की मौत का दावा किया था, लेकिन बिलासपुर SP संदीप धवल ने मृतकों की संख्या 15 बताई। हादसे के दौरान बस में दबे 2 बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया।


SP संदीप धवल ने बताया कि ज्यादातर मलबा हटाया जा चुका है। थोड़े बहुत पत्थर अब भी हैं जिन्हें हटाने का काम जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बस में कोई और यात्री दबा तो नहीं है। उनके अनुसार, बस में कुल 18-19 लोग ही सवार थे। हादसे के तुरंत बाद SDRF, पुलिस और स्थानीय लोग राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू किया। जानकारी के अनुसार, बिलासपुर समेत हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह से लगातार बरसात हो रही थी। इसी भारी बारिश के कारण शाम 6:25 बजे भल्लू के पास अचानक पहाड़ का मलबा बस पर आ गिरा। यह बस मरोतन से घुमारवीं जा रही थी। मलबा इतना अधिक था कि हादसे के बाद बस की केवल छत ही दिखाई दे रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा कि हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में हुई दुर्घटना में जान-माल की हानि से उन्हें गहरा दुख हुआ है। प्रधानमंत्री ने प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि पीएम राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी।


हादसे पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में और अधिक तेजी लाने और घायलों का तुरंत अस्पताल में उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री शिमला से पूरे हालात की निगरानी कर रहे हैं। हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। घायल यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया और मृतकों के शवों को
बरठी हॉस्पिटल
पहुंचाया गया। हादसा भल्लू पुल के पास हुआ, जहाँ बस की छाती चीरकर मलबा अंदर घुस गया। बस का नाम ‘आयुष’ बताया गया है और यह बरठीं-भल्लू मार्ग पर नियमित रूप से चलती थी। इस दर्दनाक हादसे पर राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने भी शोक व्यक्त किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रो. प्रेम कुमार धूमल, शांता कुमार, सांसद सुरेश कश्यप समेत कई नेताओं ने मृतकों के प्रति संवेदना प्रकट की। साथ ही बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपने दुख और संवेदनाएं व्यक्त की।


हादसे की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया की सराहना की जा रही है। राहत और बचाव कार्य में SDRF, पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता ने कई जिंदगियों को बचाया। SP संदीप धवल ने बताया कि बचाव कार्य पूरी सतर्कता और योजना के तहत किया जा रहा है और मलबे के हटाए जाने के बाद अंतिम जांच की जाएगी कि कहीं कोई और यात्री दबा तो नहीं है। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के कारण यह हादसा हुआ। मौसम विभाग ने भी चेतावनी जारी की थी कि बरसात के कारण पहाड़ी मार्गों में दुर्घटनाओं की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और मानसिक सहयोग देने की बात कही। इसके अलावा घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य को और तेज करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। हादसे ने हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों में दुख और शोक का माहौल बना दिया है। यह घटना प्राकृतिक आपदा और भारी बारिश के कारण सड़क हादसों की गंभीरता को दर्शाती है और प्रशासनिक सतर्कता और नागरिक सुरक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
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