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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक नवा रायपुर, मंत्रालय स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष क्रमांक एम-5/20 में 50 अक्टूबर को सुबह 11ः30 बजे रखी गई। इससे पहले 30 सितंबर को भी मंत्रिपरिषद की बैठक हुई थी, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए थे। मंत्रिपरिषद की बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में शासकीय सेवकों की आकस्मिक वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराने का प्रस्ताव शामिल है। इस संबंध में संबंधित बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से प्रस्ताव प्राप्त करने का निर्णय लिया गया। वित्त विभाग को इस प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया गया है। इसके तहत वित्त विभाग द्वारा पात्र पाए जाने वाले बैंक या वित्तीय संस्था से सम्पादित किए जाने वाले एमओयू (MoU) का प्रारूप भी मंत्रिपरिषद ने अनुमोदित किया।
दिव्यांगजनों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) की बकाया ऋण राशि 24,50,05,457/- रुपये (चौबीस करोड़ पचास लाख पांच हजार चार सौ सत्तावन मात्र) एकमुश्त वापस करने का निर्णय लिया। यह राशि राज्य के दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में न्यूनतम 3 प्रतिशत ब्याज दर से ऋण प्रदान करने हेतु NDFDC को दी जाएगी। इस निर्णय से दिव्यांगजन आर्थिक रूप से सशक्त होंगे और स्वरोजगार तथा शिक्षा के अवसर प्राप्त करेंगे। मंत्रिपरिषद ने स्कूल शिक्षा विभाग के तहत स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती हेतु भर्ती और पदोन्नति नियम-2019 में एक बार के लिए छूट देने का निर्णय भी लिया। वित्त विभाग द्वारा शिक्षा विभाग को राज्य में 100 स्पेशल एजुकेटर की भर्ती की अनुमति दी गई है। मंत्रिपरिषद ने शिक्षा विभाग को यह अनुमति दी कि चयन परीक्षा के स्थान पर एक बार मेरिट के आधार पर स्पेशल एजुकेटर की भर्ती की जाए। यह निर्णय शिक्षा विभाग के लिए महत्वपूर्ण है और इससे विशेष शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों की संख्या बढ़ेगी।
बैठक में एक और महत्वपूर्ण विषय मुख्य सचिव के बदलने से संबंधित था। 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी अमिताभ जैन मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। मंत्रिपरिषद ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके कार्यकाल के दौरान उत्कृष्ट सेवा एवं प्रशासनिक योगदान के लिए सम्मानित किया। इसके साथ ही 1994 बैच के IAS अधिकारी विकास शील को नवनियुक्त मुख्य सचिव के रूप में स्वागत किया गया। मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय राज्य के विकास, शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण और प्रशासनिक सुचारुता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से अल्पावधि ऋण की सुविधा से सरकारी कर्मचारियों की आकस्मिक वित्तीय जरूरतों को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। दिव्यांगजनों के ऋण माफ होने से उनका आर्थिक जीवन मजबूत होगा और उन्हें स्वरोजगार और शिक्षा के अवसर प्राप्त होंगे। स्पेशल एजुकेटर की भर्ती से विशेष शिक्षा के क्षेत्र में सुधार होगा और शिक्षा विभाग को योग्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान सभी निर्णयों को राज्य के हित में दूरदर्शी बताया। उन्होंने अधिकारियों और मंत्रियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं और निर्णयों का क्रियान्वयन समयबद्ध और प्रभावी तरीके से किया जाए। उन्होंने प्रशासनिक और विकासात्मक पहलुओं पर जोर देते हुए कहा कि यह निर्णय राज्य के नागरिकों के जीवन स्तर को बढ़ाने में सहायक होंगे। बैठक में लिए गए निर्णयों का राज्य के विभिन्न विभागों और नागरिकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। दिव्यांगजन, सरकारी कर्मचारी और विशेष शिक्षा से जुड़े शिक्षक इन फैसलों से लाभान्वित होंगे। प्रशासन ने कहा कि सभी विभाग मिलकर इन निर्णयों का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।
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