केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम का इस्तेमाल और ठगी, 11 शातिर अरेस्ट

दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने एआई से केंद्रीय वित्त मंत्री का डीपफेक वीडियो बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने बताया कि यह संगठित साइबर गिरोह लोगों को निवेश करने पर कम समय में ज्यादा रिटर्न का झांसा देता था।
डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि 60 साल के एक बुजुर्ग ने अपने साथ हुई 22.67 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने शिकायत में बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर वित्त मंत्री का एक वीडियो देखा था। इसमें एक ऐप के जरिए निवेश करने को कहा गया था। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने वीडियो पर भरोसा कर लिंक के जरिए रजिस्ट्रेशन किया। इसके बाद आरोपियों ने खुद को निवेश सलाहकार बताकर संपर्क किया। उन्हें ‘मुद्रावन ऐप’ और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश करने के लिए कहा। शुरुआत में उन्हें कुछ मुनाफा दिखाया गया, लेकिन बाद में आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। इस तरह उनसे कुल 22.67 लाख रुपये की ठगी की गई। शिकायत पर साइबर थाना एसएचओ इंस्पेक्टर प्रवीण कौशिश की टीम ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
एसआई लव देसवाल और एचसी सचिन की टीम ने वित्त मंत्री के वीडियो की जांच की, तो यह फर्जी निकला। आरोपियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से वित्त मंत्री के भाषण जैसा दिखने वाला डीपफेक वीडियो बनाया था। इसमें एक विशेष ऐप के जरिए निवेश के लिए प्रेरित किया जा रहा था। आरोपियों ने यही वीडियो फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल किया था। वीडियो में निवेश करने पर मोटा मुनाफा मिलने का दावा किया गया था, जिससे लोग आसानी से आरोपियों के जाल में फंस जाते थे।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कंबोडिया में बैठे साइबर अपराधियों के लिए काम कर रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 40 मोबाइल फोन, 92 फर्जी सिम कार्ड, 39 पासबुक-चेकबुक, 27 एटीएम कार्ड, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस इनकी जांच कर रही है।





