पश्चिम बंगाल

दुर्गापूजा कमेटी के नियंत्रण को लेकर हिंसा, भाजपा कार्यकर्ता की मौत

Kavita2
24 Aug 2026 4:19 PM IST
दुर्गापूजा कमेटी के नियंत्रण को लेकर हिंसा, भाजपा कार्यकर्ता की मौत
x

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में दुर्गापूजा कमेटी के नियंत्रण को लेकर दो गुटों के बीच हुआ विवाद हिंसक हो गया। मारपीट की इस घटना में भाजपा कार्यकर्ता बापी प्रामाणिक (45) की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। मृतक के परिवार ने स्थानीय स्तर पर निलंबित भाजपा नेता सुजन मंडल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

परिजनों का आरोप है कि सुजन मंडल की कथित साजिश के तहत तृणमूल कांग्रेस समर्थित बदमाशों ने बापी को उसके घर से बुलाया और बाद में उसके साथ मारपीट की गई, जिसमें उसकी जान चली गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि सुजन मंडल को पार्टी ने घटना से कुछ दिन पहले ही निलंबित कर दिया था।

दुर्गापूजा कमेटी को लेकर शुरू हुआ विवाद

बताया जा रहा है कि बारुईपुर इलाके में दुर्गापूजा कमेटी के नियंत्रण को लेकर दो गुटों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई।

घटना के दौरान भाजपा कार्यकर्ता बापी प्रामाणिक भी वहां मौजूद था। मारपीट में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ गया।

बापी की मौत के बाद उसके परिवार और भाजपा समर्थकों ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि यह सामान्य विवाद नहीं था, बल्कि कथित तौर पर पहले से रची गई साजिश के तहत बापी को निशाना बनाया गया।

परिवार ने सुजन मंडल पर लगाए आरोप

मृतक के स्वजनों ने स्थानीय निलंबित भाजपा नेता सुजन मंडल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सुजन की कथित साजिश के तहत तृणमूल समर्थित लोगों ने बापी को घर से बाहर बुलाया था।

परिवार का आरोप है कि घर से बाहर जाने के बाद बापी के साथ मारपीट की गई और इसी हमले में उसकी मौत हुई। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, इन आरोपों को लेकर पुलिस या जांच एजेंसियों की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। घटना के वास्तविक कारण और हत्या में किसकी भूमिका थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

भाजपा ने कहा- सुजन पहले ही निलंबित

मामले में भाजपा नेतृत्व ने सुजन मंडल से दूरी बनाई है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि सुजन मंडल को कुछ दिन पहले ही संगठन से निलंबित कर दिया गया था।

भाजपा का कहना है कि इसलिए घटना में उनका नाम सामने आने पर पार्टी की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखा जाना चाहिए। पार्टी नेतृत्व ने बापी प्रामाणिक की मौत को गंभीर घटना बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

भाजपा नेताओं का आरोप है कि राज्य में राजनीतिक हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं और अब धार्मिक आयोजन की कमेटी को लेकर हुए विवाद में भी राजनीतिक रंग दिखाई दे रहा है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

घटना के बाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है। भाजपा ने जहां घटना को राजनीतिक हिंसा से जोड़ते हुए सत्तारूढ़ दल के समर्थकों पर आरोप लगाए हैं, वहीं पूरे मामले में पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।

परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों में तृणमूल समर्थित लोगों की कथित संलिप्तता की बात कही गई है, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

स्थानीय राजनीति में दुर्गापूजा कमेटियों का सामाजिक और सामुदायिक प्रभाव भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में कमेटी के नियंत्रण को लेकर विवाद का हिंसक रूप लेना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

पुलिस जांच पर टिकी नजर

बापी प्रामाणिक की मौत के बाद पुलिस के सामने घटना की पूरी कड़ी जोड़ने की चुनौती है। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई, मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे और बापी को घर से बुलाए जाने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।

इसके साथ ही परिवार की ओर से लगाए गए साजिश के आरोपों की भी जांच की जरूरत होगी। पुलिस घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ कर सकती है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है।

इलाके में तनाव का माहौल

घटना के बाद बारुईपुर इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से सतर्कता बरती जा रही है। मृतक के परिवार और स्थानीय भाजपा समर्थकों में घटना को लेकर आक्रोश है।

बापी प्रामाणिक की मौत ने दुर्गापूजा कमेटी के विवाद को अब गंभीर राजनीतिक और कानून-व्यवस्था के मुद्दे में बदल दिया है। परिवार लगातार आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।

जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल मामले में परिवार की ओर से लगाए गए आरोप और राजनीतिक दलों के दावे अलग-अलग हैं। सुजन मंडल को लेकर भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वह पहले ही पार्टी से निलंबित हैं। वहीं, मृतक के परिजनों ने उन पर कथित साजिश का आरोप लगाया है।

अब पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बापी प्रामाणिक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका थी। घटना ने बारुईपुर में दुर्गापूजा कमेटी के नियंत्रण को लेकर चल रहे विवाद को और गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों की नजर अब पुलिस की कार्रवाई और जांच के परिणाम पर टिकी हुई है।

Next Story