- Home
- /
- राज्य
- /
- पश्चिम बंगाल
- /
- Murshidabad में मस्जिद...
पश्चिम बंगाल
Murshidabad में मस्जिद शिलान्यास को लेकर तनाव, हाई कोर्ट ने रोक से किया इनकार
Gulabi Jagat
6 Dec 2025 1:57 PM IST
x
Murshidabad: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में स्थित बेलडांगा क्षेत्र एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद का शिलान्यास करने की घोषणा के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में कड़ी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। इस कार्यक्रम की तारीख 6 दिसंबर तय की गई है, जो अयोध्या में बाबरी ढांचे के ध्वस्त होने से संबंधित है। इसी वजह से यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक रूप से अत्यधिक संवेदनशील बन गया है।
हुमायूं कबीर का कहना है कि प्रस्तावित मस्जिद के शिलान्यास कार्यक्रम में लगभग तीन लाख लोगों की उपस्थिति की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में भीड़ जुटने की आशंका के चलते बेलडांगा से लेकर नेशनल हाईवे 12 तक सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है। जिला पुलिस, RAF और केंद्रीय बलों की टीमों को मुख्य स्थल के आसपास तैनात किया गया है ताकि कानून व्यवस्था पर कोई असर न पड़े। कार्यक्रम स्थल के आस-पास के इलाकों में भी पुलिस गश्त बढ़ाई गई है और भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग का काम पूरा कर लिया गया है।
बढ़ते विवाद के बीच इस शिलान्यास कार्यक्रम को रोकने की मांग करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की खंडपीठ ने मस्जिद के निर्माण में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने अपने निर्देश में साफ कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आयोजन की अनुमति और उससे जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था का निर्णय प्रशासनिक स्तर पर ही होना चाहिए।
हाई कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद राजनीति और तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस कार्यक्रम को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ताधारी दल के नेताओं का कहना है कि प्रशासन पूरी तरह सजग है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। वहीं स्थानीय स्तर पर भी लोगों में इस मुद्दे को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक अधिकार के रूप में देखते हैं, जबकि कई लोग 6 दिसंबर की संवेदनशीलता को देखते हुए कार्यक्रम की तारीख बदलने की मांग कर रहे हैं।
जिला प्रशासन ने सुरक्षा के सभी इंतजामों को मजबूत किया है। पुलिस ने भीड़ के मार्गों को चिह्नित कर विशेष रूट प्लान तैयार किया है। शिलान्यास स्थल के चारों ओर सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क बढ़ाया गया है और कंट्रोल रूम से निरंतर निगरानी की जा रही है। अतिरिक्त दंगारोधी बलों को भी तैयार रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत तैनात किया जा सके। प्रशासन ने शांति समिति की बैठकें भी लगातार आयोजित की हैं, जिससे स्थानीय समुदायों के बीच संवाद बना रहे और किसी अफवाह को फैलने से रोका जा सके।
बेलडांगा और आसपास के क्षेत्रों में दुकानें और बाजार सामान्य रूप से खुले हैं, लेकिन लोगों में स्थिति को लेकर उत्सुकता और चिंता दोनों बनी हुई है। सुरक्षा एजेंसियाँ लोगों को अफवाहों से बचने की अपील कर रही हैं और माना जा रहा है कि 6 दिसंबर का दिन प्रशासन के लिए परीक्षण की तरह होगा।
Tagsजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचारMurshidabadमस्जिद शिलान्यासतनावहाई कोर्ट
Next Story





