पश्चिम बंगाल

ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे पर सुवेंदु अधिकारी का हमला, गतिविधियों पर नजर रखने की मांग

Kavita2
29 Sept 2026 5:29 PM IST
ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे पर सुवेंदु अधिकारी का हमला, गतिविधियों पर नजर रखने की मांग
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रस्तावित दिल्ली दौरे को लेकर तीखा हमला बोला। ममता बनर्जी 30 सितंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल होने वाली हैं। अधिकारी ने आरोप लगाया कि वह ऐसे समूहों और नेताओं के साथ राजनीतिक तालमेल बनाने जा रही हैं, जिन्हें उन्होंने अपने बयान में “दिमागी नक्सली” और “देश-विरोधी ताकतें” बताया।

सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर हमला करते हुए कहा कि वह “एक हाथ में जमात और दूसरे हाथ में दिमागी नक्सलियों” को लेकर आगे बढ़ रही हैं। यह टिप्पणी उन्होंने राजनीतिक आरोप के रूप में की। उन्होंने ममता के दिल्ली दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां विपक्षी दलों के नेताओं के साथ उनकी बैठकें होने वाली हैं और इन बैठकों पर नजर रखी जानी चाहिए।

अधिकारी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी CPI(M) के नेताओं और अन्य विपक्षी चेहरों के साथ मिलकर एक “नई साजिश” की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो से अपील की कि ममता बनर्जी की दिल्ली यात्रा और उनकी बैठकों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। हालांकि अधिकारी के इन आरोपों का कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं रखा गया है और इन्हें राजनीतिक बयान के रूप में देखा जा रहा है।

ममता बनर्जी का यह दिल्ली दौरा ऐसे समय हो रहा है जब चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों के बीच एक बार फिर समन्वय बढ़ा है। INDIA ब्लॉक की 30 सितंबर को होने वाली बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों और आगे की संयुक्त रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।

विपक्षी दलों के कई नेताओं ने हाल के दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी सवाल उठाए हैं। कुछ विपक्षी दलों ने उनके इस्तीफे की मांग की है और SIR प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई है। कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को अपने राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनाया है।

इसी पृष्ठभूमि में सुवेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर हमला और तेज माना जा रहा है। भाजपा की ओर से विपक्ष पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठाकर संवैधानिक संस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही और पारदर्शिता जरूरी है।

ममता बनर्जी ने हाल में चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया पर तीखी आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया का इस्तेमाल पश्चिम बंगाल में भाजपा को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए किया गया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी की थी। चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है और कहा है कि उसकी प्रक्रियाएं वैधानिक नियमों के तहत चलती हैं।

अब 30 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली INDIA ब्लॉक की बैठक में यही मुद्दा प्रमुख रूप से उठने की संभावना है। बैठक में कांग्रेस, वाम दलों और अन्य विपक्षी दलों के नेता चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर साझा रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं।

ममता बनर्जी और CPI(M) के बीच हालिया राजनीतिक संपर्क भी भाजपा के निशाने पर है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय तक एक-दूसरे के कट्टर विरोधी रहे तृणमूल कांग्रेस और CPI(M) के बीच चुनाव आयोग के मुद्दे पर संवाद बढ़ा है। भाजपा इस स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठा रही है।

सुवेंदु अधिकारी ने इसी राजनीतिक परिस्थिति को आधार बनाकर ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे को निशाना बनाया। उनका कहना है कि विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ एक साझा मोर्चा तैयार कर रहे हैं और इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को लेकर भ्रम पैदा करना है। यह भाजपा का राजनीतिक आरोप है, जबकि विपक्ष का कहना है कि वह चुनावी संस्थाओं की जवाबदेही और मतदाता सूची की निष्पक्षता का मुद्दा उठा रहा है।

सुवेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि INDIA गठबंधन पहले ही कमजोर हो चुका है और अब ममता बनर्जी की दिल्ली यात्रा के जरिए उसे नया स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि ममता दिल्ली जाकर किन नेताओं से मुलाकात करेंगी और किन मुद्दों पर रणनीति बनाएंगी।

ममता बनर्जी की ओर से अधिकारी के “जमात” और “दिमागी नक्सली” वाले बयान पर तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में फिलहाल यह बयान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच तेज होते राजनीतिक टकराव का हिस्सा बन गया है।

पश्चिम बंगाल में SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे पहले से ही बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुके हैं। सुवेंदु अधिकारी ने कुछ दिन पहले भी ममता बनर्जी पर मतदाता सूची से लाखों नाम हटने की जिम्मेदारी को लेकर आरोप लगाए थे, जबकि विपक्ष लगातार चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है।

चुनाव आयोग से जुड़े विवाद ने राष्ट्रीय स्तर पर भी विपक्षी दलों को एक मंच पर आने का अवसर दिया है। INDIA ब्लॉक की बैठक का मुख्य एजेंडा चुनाव आयोग और SIR से जुड़े सवालों पर संयुक्त प्रतिक्रिया तैयार करना बताया जा रहा है।

इसी वजह से ममता बनर्जी की प्रस्तावित दिल्ली यात्रा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख के बैठक में शामिल होने से पश्चिम बंगाल की राजनीति का चुनाव आयोग से जुड़ा विवाद राष्ट्रीय विपक्षी रणनीति का हिस्सा बन सकता है।

भाजपा दूसरी ओर इस तालमेल को विपक्ष की राजनीतिक रणनीति बता रही है और चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों को खारिज कर रही है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने विपक्ष के रवैये को लेकर सार्वजनिक तौर पर आलोचना की है।

फिलहाल 30 सितंबर की INDIA ब्लॉक बैठक से पहले सुवेंदु अधिकारी के बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। ममता बनर्जी की दिल्ली यात्रा, CPI(M) के साथ बढ़ता संवाद और चुनाव आयोग को लेकर विपक्षी दलों की साझा रणनीति आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस के प्रमुख मुद्दे बने रह सकते हैं।

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