पश्चिम बंगाल

कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद प्रोफेसर की नियुक्ति निरस्त

Saba Naaz
6 July 2026 6:17 PM IST
कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद प्रोफेसर की नियुक्ति निरस्त
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Calcutta High Court Ruling: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने रामकृष्ण मिशन आवासीय कॉलेज की याचिका पर सुनवाई करते हुए एक सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। मामला सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कथित आपत्तिजनक पोस्ट से जुड़ा था। कोर्ट ने इस दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं है कि किसी अन्य की आस्था को चोट पहुंचाई जाए।

यह फैसला जस्टिस देवांशु बसाक और जस्टिस मोहम्मद शब्बर रशीदी की खंडपीठ ने सुनाया। खंडपीठ ने एकल पीठ के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें उम्मीदवार तमाल दासगुप्ता को नियुक्त करने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने माना कि WBCSC की सिफारिश से पहले ही उम्मीदवार ने सोशल मीडिया पर विवादित और आपत्तिजनक पोस्ट किए थे, जिनमें रामकृष्ण मिशन और अन्य धर्मों पर टिप्पणियां शामिल थीं।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी उम्मीदवार को नियुक्ति पाने का पूर्ण अधिकार नहीं होता, बल्कि उसे केवल निष्पक्ष विचार पाने का अधिकार है। संस्थान को यह अधिकार है कि वह ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति से इनकार कर सके, जो उसके वातावरण और गरिमा के अनुरूप न हो।

हाईकोर्ट ने कहा कि कॉलेज प्रशासन का निर्णय मनमाना नहीं था, बल्कि संस्थान के हित में लिया गया एक उचित कदम था। अदालत ने यह भी दोहराया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मौलिक अधिकार है, लेकिन इसकी सीमा वहीं तक है जहां तक यह दूसरों की धार्मिक भावनाओं को प्रभावित न करे।

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