पश्चिम बंगाल

Pahalgam Terror Attack: लंच और दर्शन ने बचाई 2 जोड़ों की जान

Sarita
25 April 2025 7:50 AM IST
Pahalgam Terror Attack:  लंच और दर्शन ने बचाई 2 जोड़ों की जान
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Pahalgam Terror Attack: पश्चिम बंगाल के दो नवविवाहित जोड़े 22 अप्रैल 2025 की तारीख शायद ही भूल पाएंगे. इन दो जोड़ों में से एक की जान भीषण भूख ने तो दूसरे की आस्था ने बचाई. पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 25 भारतीय पर्यटकों और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई, लेकिन देबराज घोष और सुदीप्ता दास अपनी पत्नियों के साथ चमत्कारिक रूप से बच गए. आपको बता दें कि आतंकियों ने उनका धर्म पूछकर उनकी हत्या की थी, जिसके बाद पूरे देश में शोक और गुस्से की लहर दौड़ गई है. देबराज घोष और उनकी पत्नी, जिनकी शादी कुछ महीने पहले ही हुई थी, बैसरन घाटी घूमने के लिए पूरी तरह तैयार थे|
खच्चर बुक थे और जोड़ा अपनी यात्रा को लेकर उत्साहित था. लेकिन दोपहर में देबराज को अचानक भूख लगी, जिसने उनकी किस्मत बदल दी. वे भीड़ भरे बाजार में खाना खाने के लिए रुके ही थे कि अचानक गोलीबारी की तेज आवाज गूंजी. देबराज तुरंत अपनी पत्नी के साथ उस होटल में छिप गए, जहां से वे निकले थे. देबराज का मानना ​​है कि 'लंच ब्रेक' ने उनकी जान बचाई. शिव मंदिर में दर्शन ने दी जान नदिया जिले के सुदीप्त दास और उनकी पत्नी की कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है। दंपत्ति बैसरन घाटी जाने की भी योजना बना रहे थे, लेकिन सुदीप्त की पत्नी को अचानक पास के शिव मंदिर में जाने की तीव्र इच्छा हुई।
दंपत्ति ने अपनी योजना बदली और मंदिर जाने का फैसला किया। दर्शन के बाद उनकी कार के ड्राइवर ने उन्हें बताया कि मंदिर से बमुश्किल एक किलोमीटर दूर बैसरन घाटी में गोलीबारी शुरू हो गई है। सुदीप्त ने कहा कि अगर हम शिव मंदिर नहीं जाते तो शायद जिंदा नहीं बचते, यह भगवान शिव की कृपा है। इस आतंकी हमले में पश्चिम बंगाल के 3 पर्यटक मारे गए हैं।
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