पश्चिम बंगाल

SIR मामले में NIA का एक्शन, बंगाल में छापेमारी

Saba Naaz
25 Jun 2026 6:48 PM IST
SIR मामले में NIA का एक्शन, बंगाल में छापेमारी
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पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मालदा जिले के मोथाबाड़ी इलाके से स्थानीय नेता सायेम चौधरी उर्फ बाबू चौधरी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी अप्रैल में हुई उस हिंसा मामले से जुड़ी है, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान भारी बवाल हुआ था और न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने का आरोप सामने आया था।

यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एनआईए द्वारा जांच के दायरे में लिया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, सायेम चौधरी पर भीड़ को उकसाने, हिंसा भड़काने और सरकारी काम में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप हैं। उसे कोलकाता स्थित एनआईए कार्यालय में पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया।

भीड़ को भड़काने और हिंसा का आरोप

एनआईए के बयान के अनुसार, सायेम चौधरी ने घटना से एक दिन पहले बीडीओ कार्यालय के सामने भाषण दिया था, जिसमें लोगों को हिंसक प्रदर्शन के लिए उकसाया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में भीड़ जुटी और विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों और पुलिस टीम को कथित तौर पर बंधक बना लिया गया था।

जांच में यह भी सामने आया है कि इस हिंसा में शामिल भीड़ ने सरकारी कार्य में बाधा डाली और पुलिसकर्मियों पर हमला किया, जिसमें लगभग 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

SIR अभियान के दौरान हुआ था विवाद

यह पूरा विवाद अप्रैल 2026 में उस समय शुरू हुआ था जब वोटर लिस्ट के शुद्धिकरण के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मोथाबाड़ी इलाके में विरोध प्रदर्शन भड़क गया और हालात नियंत्रण से बाहर हो गए।

एनआईए के अनुसार, सायेम चौधरी इस घटना में सक्रिय रूप से शामिल था और उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची थी। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह एक पूर्व-नियोजित घटना थी, जिसमें भीड़ को संगठित कर प्रशासनिक काम में बाधा पहुंचाई गई।

अब तक 30 लोगों की गिरफ्तारी

इस मामले में एनआईए अब तक कुल 30 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी का कहना है कि यह जांच केवल एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले हुई कई हिंसक घटनाओं की एक श्रृंखला से जुड़ी है।

एनआईए ने बताया कि वह उन सभी लोगों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है, जो इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे हैं। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि पीछे की साजिश का पता लगाया जा सके।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच

यह मामला सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान के बाद एनआईए को सौंपा गया था। कोर्ट ने मालदा में हुई हिंसा को गंभीर मानते हुए इसकी जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने मामले की जांच तेज कर दी और लगातार गिरफ्तारियां की जा रही हैं।

एनआईए का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। एजेंसी पूरे मामले में शामिल सभी लोगों और उनके नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में काम कर रही है।

राजनीतिक माहौल में बढ़ी हलचल

इस गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चुनावी माहौल के बीच इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। हालांकि एनआईए ने साफ किया है कि यह कार्रवाई केवल जांच और साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि पूरे घटनाक्रम के पीछे बड़ी साजिश की परतें खुल सकती हैं।

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