- Home
- /
- राज्य
- /
- पश्चिम बंगाल
- /
- ‘चटपटी खबरों’ पर...

पश्चिम बंगाल: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी हलचल के बीच उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महुआ का कहना है कि उनके इंटरव्यू के सिर्फ “चटपटे हिस्से” निकालकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, जिससे भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मीडिया पर नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ “चट्टान की तरह खड़ी” हैं।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब महुआ मोइत्रा के एक इंटरव्यू के कुछ हिस्सों को लेकर यह दावा किया गया कि उन्होंने शुभेंदु अधिकारी के बारे में सकारात्मक टिप्पणी की है। इसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। हालांकि, महुआ ने इन दावों को संदर्भ से बाहर बताया और कहा कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
महुआ मोइत्रा ने इंटरव्यू का वीडियो क्लिप साझा करते हुए टीएमसी के भीतर बागी नेताओं पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी ने पार्टी छोड़ी थी क्योंकि उनके अनुसार पार्टी नेतृत्व को लेकर मतभेद थे, लेकिन उन्होंने उस कदम को “सिद्धांत आधारित” बताया। वहीं, मौजूदा बागी नेताओं पर सवाल उठाते हुए महुआ ने कहा कि जो लोग आज पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं, वे हाल तक उसी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे और पदों का लाभ ले रहे थे।
उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्हें 2014 में लोकसभा टिकट नहीं मिला था, तब वे भावुक होकर रो पड़ी थीं और उस समय शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें हिम्मत दी थी। महुआ ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद पुराने मानवीय रिश्तों को नकारा नहीं जा सकता।
महुआ मोइत्रा ने यह भी दावा किया कि टीएमसी के भीतर हाल के समय में कई नेताओं की बगावत पार्टी के लिए बड़ा झटका रही है। उन्होंने जादवपुर सांसद सायोनी घोष के बागी खेमे में जाने को व्यक्तिगत रूप से सबसे बड़ा नुकसान बताया।
इस पूरे विवाद के बीच महुआ ने दोहराया कि उनकी निष्ठा पूरी तरह ममता बनर्जी के साथ है और मीडिया द्वारा फैलाए जा रहे आधे-अधूरे तथ्यों से गलत धारणा बनाई जा रही है। उनका कहना है कि राजनीतिक बयानबाजी को संदर्भ से हटाकर पेश करना सही नहीं है और इससे जनता के बीच भ्रम पैदा होता है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में पहले से ही गुटबाजी और बागी रुख को लेकर तनाव बना हुआ है, ऐसे में महुआ मोइत्रा का यह बयान एक बार फिर टीएमसी की आंतरिक राजनीति और मीडिया रिपोर्टिंग दोनों को चर्चा के केंद्र में ले आया है।





