पश्चिम बंगाल

केरल CM का पश्चिम बंगाल CM को पत्र, पासपोर्ट नवीनीकरण में देरी पर जताई चिंता

Kavita2
29 Jun 2026 5:53 PM IST
केरल CM का पश्चिम बंगाल CM को पत्र, पासपोर्ट नवीनीकरण में देरी पर जताई चिंता
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West Bengal वेस्ट बंगाल: केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के अपने समकक्ष सुवेंदु अधिकारी को एक पत्र लिखकर वरिष्ठ पत्रकार और द टेलीग्राफ के पूर्व संपादक राजगोपाल रामदास के पासपोर्ट नवीनीकरण आवेदन में कथित रूप से हुई देरी पर हस्तक्षेप करने की मांग की है। यह मामला पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट के कारण अटका हुआ बताया जा रहा है, जिस पर देशभर के पत्रकारों और कई राजनीतिक नेताओं ने भी आपत्ति जताई है।

पत्र में वी डी सतीशन ने कहा कि रामदास के पासपोर्ट नवीनीकरण आवेदन में जो बाधा आई है, उसकी वजह एक कथित रूप से खराब पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट है। यह रिपोर्ट कथित तौर पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट से उनका नाम हटाए जाने से जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मुद्दा फिलहाल चुनावी प्रक्रिया के तहत अपील प्रणाली के माध्यम से विचाराधीन है।

सतीशन ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि इसी पुलिस रिपोर्ट के कारण रामदास के पासपोर्ट नवीनीकरण में अनावश्यक देरी हो रही है। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए संबंधित अधिकारियों से इस पर ध्यान देने का आग्रह किया है।

पत्र के अनुसार, राजगोपाल रामदास एक मलयाली पत्रकार हैं और पिछले लगभग तीन दशकों से कोलकाता में रह रहे हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं और द टेलीग्राफ जैसे प्रतिष्ठित अखबार के पूर्व संपादक रह चुके हैं। उनकी पहचान एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार के रूप में होती है।

इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि पासपोर्ट नवीनीकरण प्रक्रिया उस समय प्रभावित हुई जब पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट में आपत्तिजनक निष्कर्ष बताए गए। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया रुकी हुई है। इसके बाद यह मुद्दा मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।

देश के विभिन्न पत्रकार संगठनों और कई राजनीतिक नेताओं ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज के नवीनीकरण में पुलिस रिपोर्ट के आधार पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, खासकर तब जब मामला अपील प्रक्रिया में विचाराधीन हो।

मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने अपने पत्र में यह भी संकेत दिया कि वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने से जुड़ा मुद्दा अलग से चुनावी प्रक्रिया के तहत निपटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसे अलग रखते हुए पासपोर्ट नवीनीकरण प्रक्रिया को बाधित नहीं किया जाना चाहिए।

रामदास का मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वे एक लंबे समय से कोलकाता में रह रहे पत्रकार हैं और पत्रकारिता जगत में उनकी एक अलग पहचान रही है। ऐसे में उनके दस्तावेज़ संबंधी प्रक्रिया में देरी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला प्रशासनिक प्रक्रिया और वेरिफिकेशन रिपोर्ट की व्याख्या से जुड़ा हुआ है, जिसने पासपोर्ट नवीनीकरण को प्रभावित किया है। हालांकि इस पर अब तक संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

इस पत्र के सामने आने के बाद एक बार फिर से यह मुद्दा सुर्खियों में आ गया है कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता कितनी महत्वपूर्ण है। खासकर तब जब मामला किसी वरिष्ठ पत्रकार से जुड़ा हो, जो लंबे समय से किसी एक स्थान पर निवास कर रहा हो।

फिलहाल यह मामला राजनीतिक और मीडिया दोनों ही स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित प्रशासनिक और चुनावी इकाइयां इस पर आगे क्या कदम उठाती हैं और पासपोर्ट नवीनीकरण प्रक्रिया कब तक आगे बढ़ती है।

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