पश्चिम बंगाल

हुमायूं कबीर ने चुनाव प्रचार से बनाई दूरी

Kavita2
21 Sept 2026 10:12 AM IST
हुमायूं कबीर ने चुनाव प्रचार से बनाई दूरी
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनावी माहौल के बीच आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने बड़ा ऐलान करते हुए प्रचार अभियान से दूरी बनाने की बात कही है। उनके इस फैसले के बाद रेजीनगर सीट का मुकाबला और चर्चा में आ गया है।

हुमायूं कबीर ने बताया कि वह अब चुनाव प्रचार में सक्रिय रूप से हिस्सा नहीं लेंगे। खास बात यह है कि रेजीनगर सीट से उन्होंने अपने बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है। हुमायूं कबीर के सीट छोड़ने के बाद ही यहां उपचुनाव की स्थिति बनी है।

रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव को लेकर पहले से ही राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई है। इस सीट पर उम्मीदवारों के बीच मुकाबले के साथ-साथ हाल के घटनाक्रमों ने भी माहौल को प्रभावित किया है। गिरफ्तारियों को लेकर यह सीट लगातार चर्चा में रही है।

हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक सक्रिय चेहरा रहे हैं। उन्होंने अपनी पार्टी AJUP के माध्यम से चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया था। अब उनके प्रचार से पीछे हटने के ऐलान के बाद राजनीतिक गलियारों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।

हालांकि हुमायूं कबीर ने अपने फैसले के पीछे विस्तृत कारण नहीं बताया है। उन्होंने केवल प्रचार से दूरी बनाने की बात कही है। पार्टी की ओर से अब उनके बेटे गुलाम नबी आजाद के चुनाव अभियान पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

रेजीनगर सीट पर उपचुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यहां पहले से ही राजनीतिक मुकाबला कड़ा रहा है। अलग-अलग दल अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं और मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

वहीं नंदीग्राम सीट भी पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इस सीट का नाम राज्य की राजनीति में पहले से ही प्रमुख रहा है। उपचुनाव को लेकर सभी दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं।

उपचुनाव से पहले गिरफ्तारियों का मुद्दा भी चर्चा में बना हुआ है। विपक्षी दल और स्थानीय नेता इन घटनाओं को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं प्रशासन की ओर से कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

हुमायूं कबीर के चुनावी मैदान से दूरी बनाने के फैसले के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इसका AJUP के चुनाव अभियान पर क्या असर पड़ता है। पार्टी कार्यकर्ता और उम्मीदवार किस तरह आगे की रणनीति तैयार करते हैं, इस पर नजर रहेगी।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, उपचुनावों में स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवारों की छवि और संगठन की सक्रियता अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में रेजीनगर सीट पर उम्मीदवारों के साथ-साथ चुनावी रणनीतियां भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

AJUP प्रमुख ने अपने बेटे को उम्मीदवार बनाकर इस सीट पर पार्टी की मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश की है। अब प्रचार से दूरी के बाद पार्टी को स्थानीय स्तर पर अपने अभियान को मजबूत करना होगा।

फिलहाल पश्चिम बंगाल की दोनों उपचुनावी सीटों पर राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं। नंदीग्राम और रेजीनगर में उम्मीदवारों के बीच मुकाबला तेज हो रहा है। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार, बयानबाजी और राजनीतिक रणनीतियों के चलते इन सीटों पर और हलचल देखने को मिल सकती है।

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