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दार्जिलिंग में भारी बारिश से भूस्खलन, NH-10 पर यातायात प्रभावित

Darjeeling: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण एक बड़ा भूस्खलन हुआ है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 10 (NH-10) पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। यह घटना सेवोक क्षेत्र के पास देर रात हुई, जिसके बाद सड़क पर भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया और आवाजाही ठप पड़ गई। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बीती रात से क्षेत्र में लगातार तेज बारिश हो रही थी, जिसके चलते पहाड़ी इलाकों में मिट्टी खिसकने लगी और अचानक भूस्खलन हो गया। इस घटना के बाद सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी का ढेर जमा हो गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
भूस्खलन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। सुबह करीब 6 बजे से सड़क को साफ करने का कार्य शुरू किया गया, ताकि जल्द से जल्द यातायात को बहाल किया जा सके। जेसीबी मशीनों और मजदूरों की मदद से मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है।हालांकि, लगातार बारिश राहत कार्यों में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। बारिश के कारण बार-बार मिट्टी और पत्थर गिरने से सड़क को पूरी तरह साफ करना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन का कहना है कि जब तक मौसम स्थिर नहीं होता, तब तक राहत कार्यों में पूरी गति लाना चुनौतीपूर्ण रहेगा।इस घटना के बाद दार्जिलिंग और सिक्किम को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई है। NH-10 इस क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है, क्योंकि यह न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पर्यटकों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में सड़क बंद होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है। साथ ही पर्यटकों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से बचें।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील है और हर साल बारिश के मौसम में ऐसी घटनाएं देखने को मिलती हैं। लगातार भूस्खलन के कारण सड़क व्यवस्था प्रभावित होती है और कई बार कई दिनों तक यातायात बाधित रहता है।
मौसम विभाग ने पहले ही दार्जिलिंग और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद इस तरह की घटना ने प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही स्थिति को सामान्य कर लिया जाएगा।आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल प्राथमिकता सड़क को साफ कर यातायात बहाल करने की है, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काम किया जा रहा है। अगर बारिश जारी रही तो काम में और देरी हो सकती है।
स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त टीमों को भी तैनात किया गया है।इस घटना के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्री रास्ते में फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। प्रशासन उनकी मदद के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करने की बात भी कह रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और मजबूत सड़क संरचना की आवश्यकता है, ताकि बारिश के दौरान भूस्खलन के खतरे को कम किया जा सके। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन का दावा है कि मौसम थोड़ा बेहतर होते ही सड़क को पूरी तरह से खोल दिया जाएगा।





