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पश्चिम बंगाल
बंगाल में बर्फ फैक्ट्री से अमोनिया गैस लीक 25 लोग अस्पताल में भर्ती
nidhi
24 Aug 2026 11:39 AM IST

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जहरीली गैस
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में एक बर्फ कारखाने से गैस लीक होने के बाद अफरा-तफरी मच गई। गैस के फैलने से आसपास के गांव के कई लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और बेचैनी की शिकायत हुई। घटना में करीब 25 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मामला जिले के हाड़ोआ थाना क्षेत्र के शापुकुर इलाके का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार बर्फ बनाने वाली फैक्ट्री से गैस का रिसाव हुआ, जिसके बाद आसपास के क्षेत्र में तेज गंध फैल गई। स्थानीय लोगों को जब इसकी जानकारी हुई तो कई लोग घरों से बाहर निकल आए और इलाके में डर का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि गैस के संपर्क में आने वाले लोगों में महिलाओं और बच्चों समेत कई ग्रामीण शामिल हैं। प्रभावित लोगों ने सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और घबराहट जैसी समस्याओं की शिकायत की। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू की और यह सुनिश्चित किया गया कि गैस रिसाव के बाद लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रभावित इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक गैस लीक होने के बाद इलाके में तेज बदबू फैल गई थी। कई ग्रामीणों ने अचानक तबीयत खराब होने की बात कही। घटना के बाद लोगों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और मामले की जांच की मांग की। बर्फ कारखानों में आमतौर पर ठंडक बनाए रखने के लिए अमोनिया जैसी गैसों का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि इस मामले में किस गैस का रिसाव हुआ और इसकी असली वजह क्या थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। अधिकारियों की ओर से तकनीकी जांच की जा रही है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अगर समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। लोगों ने फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और गैस स्टोरेज सिस्टम की जांच कराने की मांग उठाई।
प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि गैस रिसाव कैसे हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। फैक्ट्री के उपकरणों, पाइपलाइन और सुरक्षा मानकों की जांच की जा सकती है। यदि लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना है।
गैस रिसाव जैसी घटनाओं में समय पर राहत और बचाव कार्य बेहद महत्वपूर्ण होता है। प्रभावित लोगों को तुरंत चिकित्सा सुविधा देना, इलाके को सुरक्षित बनाना और रिसाव को रोकना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। फिलहाल अस्पताल में भर्ती लोगों का इलाज जारी है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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