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म्युनिसिपल भर्ती घोटाले के पैसे को हॉस्पिटैलिटी कारोबार में लगाने का आरोप

कोलकाता : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल के गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता और पूर्व मंत्री सुजीत बोस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केंद्रीय एजेंसी का दावा है कि कथित म्युनिसिपैलिटी भर्ती घोटाले से हासिल गैर-कानूनी धन को सुजीत बोस ने अपने हॉस्पिटैलिटी कारोबार में लगाया।
ED के अनुसार, कथित अवैध रकम का इस्तेमाल चाइनीज फूड रेस्टोरेंट, बार और अन्य हॉस्पिटैलिटी से जुड़े व्यवसायों में निवेश के लिए किया गया। एजेंसी ने इस मामले में आगे की जांच जारी रखने की बात कही है।
ED ने दाखिल की प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट
प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि उसने 9 जुलाई को सुजीत बोस, उनके बेटे समुद्र बोस और IAS अधिकारी ज्योतिष्मन चट्टोपाध्याय के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की है।
ज्योतिष्मन चट्टोपाध्याय स्थानीय निकायों के पूर्व निदेशक रह चुके हैं। ED का आरोप है कि कथित भर्ती घोटाले में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आईं।
एजेंसी ने कहा कि जांच के दौरान अवैध धन के इस्तेमाल और उससे जुड़े लेनदेन की जानकारी मिली है।
भर्ती घोटाले की जांच का दायरा बढ़ा
म्युनिसिपैलिटी भर्ती घोटाला पश्चिम बंगाल में लंबे समय से जांच के दायरे में है। ED और अन्य जांच एजेंसियां इस मामले में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही हैं।
आरोप है कि नगर निकायों में विभिन्न पदों पर भर्ती के दौरान नियमों की अनदेखी की गई और पैसे के लेनदेन के जरिए नियुक्तियां की गईं।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित अवैध धन किन-किन माध्यमों से इस्तेमाल किया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
हॉस्पिटैलिटी कारोबार में निवेश का आरोप
ED ने आरोप लगाया कि सुजीत बोस ने कथित घोटाले से मिले पैसे को अपने कारोबारी हितों में लगाया। एजेंसी के मुताबिक, इसमें चाइनीज फूड रेस्टोरेंट, बार और अन्य हॉस्पिटैलिटी गतिविधियां शामिल हैं।
जांच एजेंसी अब इन कारोबारों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड, लेनदेन और निवेश के स्रोतों की जांच कर रही है।
सुजीत बोस पहले भी रहे हैं जांच के घेरे में
सुजीत बोस पश्चिम बंगाल सरकार में फायर एंड इमरजेंसी सर्विस मंत्री रह चुके हैं। वह TMC के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं।
भर्ती घोटाले को लेकर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के बाद उनका नाम जांच के दायरे में आया। ED ने इससे जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू की।
जांच एजेंसी ने पेश किए आरोप
ED ने अपनी कार्रवाई के तहत अदालत में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की है। इसमें एजेंसी ने आरोपों और जांच में सामने आए तथ्यों का उल्लेख किया है।
हालांकि, मामले में आरोप साबित होना अभी बाकी है। किसी भी आरोपी को अदालत की प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का अधिकार है।
राजनीतिक विवाद भी तेज
सुजीत बोस के खिलाफ ED की कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। TMC नेताओं ने पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया है।
वहीं, बीजेपी सहित विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
आगे की जांच जारी
ED अब कथित अवैध धन के स्रोत, उसके इस्तेमाल और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या भर्ती घोटाले से जुड़े धन को अन्य व्यवसायों या संपत्तियों में भी लगाया गया।
फिलहाल मामले में जांच जारी है और आने वाले समय में ED की ओर से और कार्रवाई किए जाने की संभावना है।





