पश्चिम बंगाल

NH-55 पर भूस्खलन, राहत शिविरों में पहुंचे 250 लोग

Saba Naaz
11 July 2026 4:45 PM IST
NH-55 पर भूस्खलन, राहत शिविरों में पहुंचे 250 लोग
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दार्जिलिंग। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग की पहाड़ियों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। सड़कें बाधित हो गई हैं और कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग-55 (NH-55) और दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे यानी टॉय ट्रेन सेवा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

भूस्खलन की सबसे ज्यादा मार तिनधरिया और मिरिक क्षेत्र में देखने को मिली है। तिनधरिया में पहाड़ी से गिरे मलबे की चपेट में आने से एक घर, एक ट्रक और दो बाइक दब गए। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। हालांकि, किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन लगातार बारिश के कारण खतरा बना हुआ है।

मिरिक-सुखिया पोखरी मार्ग पर भी कई जगह सड़क धंसने की खबर सामने आई है। इसके अलावा दुधिया क्षेत्र का पुराना पुल भी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

जिला प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। मिरिक और नागराकाटा क्षेत्र से अब तक 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इन लोगों को मिरिक और कलिम्पोंग में बनाए गए तीन राहत शिविरों में रखा गया है। राहत शिविरों में लोगों के लिए भोजन, पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

पश्चिम बंगाल सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जिन लोगों के घरों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें अस्थायी आवास और आर्थिक मदद देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) और स्थानीय एजेंसियां युद्धस्तर पर काम कर रही हैं।

भारी बारिश के कारण दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की टॉय ट्रेन सेवा को भी फिलहाल रोक दिया गया है। प्रशासन ने यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है। पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन की आशंका को देखते हुए रेलवे और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

मौसम विभाग ने दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों में भी कई स्थानों पर भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में और भूस्खलन होने का खतरा बना हुआ है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। पर्यटकों को भी अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। दार्जिलिंग पुलिस ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।

अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लगातार बारिश को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में हर संभव सहायता पहुंचाई जा रही है और मौसम में सुधार के बाद सड़कों और रेल सेवाओं को दोबारा शुरू करने की कोशिश की जाएगी।

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