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CID की मांग पर अभिषेक बनर्जी ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

पश्चिम बंगाल : कोलकाता। बंगाल चुनाव के दौरान दिए गए कथित बयान से जुड़े मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी को लेकर नया विवाद सामने आया है। इस मामले की जांच कर रही सीआईडी ने उनसे वॉयस सैंपल (आवाज का नमूना) देने के लिए नोटिस जारी किया था। इसी नोटिस के खिलाफ अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। यह मामला विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए “डीजे वाले बयान” से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इस बयान को लेकर साइबर अपराध की धाराओं के तहत शिकायत दर्ज की गई थी, जिसके बाद जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपी गई। जांच के तहत बिधाननगर अदालत ने सीआईडी की अर्जी को स्वीकार करते हुए अभिषेक बनर्जी को 30 जून को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था। आदेश के अनुसार, उनकी आवाज का नमूना मजिस्ट्रेट और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में लिया जाना था। सीआईडी ने इसके लिए उनके कालीघाट स्थित आवास पर नोटिस भी जारी किया था। इसी कार्रवाई को चुनौती देते हुए अभिषेक बनर्जी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
अदालत में उनकी ओर से पेश अधिवक्ता अयन भट्टाचार्य ने दलील दी कि उनके मुवक्किल ने कभी भी यह नहीं कहा कि वायरल ऑडियो क्लिप में उनकी आवाज नहीं है। ऐसे में जब आवाज की पहचान को लेकर कोई विवाद नहीं है, तो वॉयस सैंपल लेने की आवश्यकता क्यों है। उन्होंने निचली अदालत के आदेश पर पुनर्विचार की मांग की है। इस मामले में निचली अदालत ने सीआईडी की अर्जी पर पहले ही आदेश जारी किया था, जिसे अब हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में मांग की गई है कि वॉयस सैंपल लेने के निर्देश पर रोक लगाई जाए। सूत्रों के अनुसार, यह मामला चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है, जिसकी शिकायत बाद में साइबर अपराध के तहत दर्ज की गई थी। इसके बाद सीआईडी ने जांच शुरू की और अदालत से अनुमति लेकर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। अब यह मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया है और संभावना है कि इस पर 29 जून को सुनवाई हो सकती है। अदालत के फैसले पर अब सभी की नजरें टिकी हैं क्योंकि यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





