पश्चिम बंगाल

आंखों के इलाज के लिए अभिषेक बनर्जी को विदेश जाने की छूट

Ratna Netam
10 Aug 2026 2:52 PM IST
आंखों के इलाज के लिए अभिषेक बनर्जी को विदेश जाने की छूट
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कोलकाता : सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने उन्हें आंखों के इलाज के लिए सितंबर में तीन सप्ताह के लिए विदेश जाने की अनुमति दे दी है। हालांकि, विदेश यात्रा की यह मंजूरी कुछ कड़ी शर्तों के साथ दी गई है। यह मामला कथित हेट स्पीच यानी भड़काऊ भाषण से जुड़े एक केस में लगाए गए यात्रा प्रतिबंध से संबंधित है।
अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसमें उन्हें विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था। बनर्जी ने शीर्ष अदालत के सामने अपनी आंखों के इलाज का हवाला देते हुए विदेश जाने की अनुमति मांगी थी। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने चिकित्सा जरूरत को देखते हुए उन्हें सितंबर महीने में तीन सप्ताह के लिए विदेश जाने की सशर्त अनुमति दे दी।
सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि स्पष्ट किया कि अभिषेक बनर्जी को विदेश यात्रा के दौरान अदालत की ओर से तय नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह केवल अपने राजनयिक पासपोर्ट के जरिए ही विदेश यात्रा कर सकेंगे। इसके अलावा यात्रा से पहले उन्हें अपनी यात्रा से जुड़ी विस्तृत जानकारी संबंधित अधिकारियों के सामने जमा करनी होगी।
अदालत ने अभिषेक बनर्जी से यात्रा का पूरा कार्यक्रम पहले उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें विदेश में उनके रहने का पता, इलाज करने वाले डॉक्टर का नाम और अस्पताल की जानकारी भी शामिल होगी। इसके साथ ही उन्हें अपने ठहरने की जगह और फ्लाइट से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी। इन शर्तों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उनकी विदेश यात्रा और चिकित्सा उपचार से संबंधित सभी जानकारियां जांच एजेंसियों के पास उपलब्ध रहें।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियां अभिषेक बनर्जी की ओर से उपलब्ध कराई गई इन जानकारियों का इस्तेमाल जांच के उद्देश्य से कर सकती हैं। हालांकि, अदालत ने जांच एजेंसियों को इन सभी जानकारियों को पूरी तरह गोपनीय रखने का निर्देश दिया है। यानी यात्रा कार्यक्रम, इलाज और विदेश में ठहरने से संबंधित निजी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकेगा।
यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान अभिषेक बनर्जी की कथित बयानबाजी से जुड़े मामले से जुड़ा है। आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कुछ बयानों को लेकर उनके खिलाफ हेट स्पीच का मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनकी विदेश यात्रा पर प्रतिबंध से जुड़ा आदेश जारी किया था।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को विदेश जाने की अनुमति देने से पहले कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में आंखों की जांच कराने को कहा था। हाईकोर्ट का कहना था कि पहले यह पता लगाया जाए कि क्या उनका विदेश जाकर इलाज कराना वास्तव में जरूरी है। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की और चिकित्सा आधार पर विदेश यात्रा की अनुमति मांगी।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए अब उन्हें सीमित अवधि के लिए विदेश जाने की अनुमति दी है। अदालत के आदेश के मुताबिक वह सितंबर में तीन सप्ताह तक विदेश में रहकर आंखों का इलाज करा सकेंगे। इस दौरान उन्हें अदालत द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना होगा।
इससे पहले 3 अगस्त को भी सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप किया था। शीर्ष अदालत ने कलकत्ता हाईकोर्ट से कहा था कि अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा की अनुमति मांगने वाली याचिका पर एक सप्ताह के भीतर सुनवाई की जाए। इसके बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया हुई और अब सुप्रीम कोर्ट ने चिकित्सा आधार पर सशर्त राहत प्रदान कर दी है।
अभिषेक बनर्जी के लिए यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें विदेश में आंखों के इलाज की जरूरत बताई गई थी। अदालत ने उनकी चिकित्सा जरूरत को ध्यान में रखते हुए विदेश जाने की अनुमति दी, लेकिन साथ ही जांच से जुड़े हितों को भी ध्यान में रखा। इसी वजह से यात्रा और इलाज से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने की शर्त रखी गई है।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब अभिषेक बनर्जी सितंबर में तीन सप्ताह के लिए विदेश जाकर अपना इलाज करा सकेंगे। हालांकि, उन्हें राजनयिक पासपोर्ट पर यात्रा करनी होगी और विदेश में उनके ठहरने तथा इलाज से जुड़ी पूरी जानकारी पहले देनी होगी। इस तरह अदालत ने चिकित्सा जरूरत और जांच एजेंसियों की आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाते हुए उन्हें सशर्त राहत दी है।
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