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अमित शाह देंगे छात्रों के मुद्दे पर जवाब विपक्ष शांतिपूर्वक सुने रिजिजू

Ratna Netam
10 Aug 2026 2:39 PM IST
अमित शाह देंगे छात्रों के मुद्दे पर जवाब विपक्ष शांतिपूर्वक सुने रिजिजू
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दिल्ली : छात्र आंदोलनों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में जारी गतिरोध के बीच केंद्र सरकार ने विपक्ष को चर्चा का प्रस्ताव दिया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ कहा है कि सरकार छात्रों के विरोध प्रदर्शन, उससे जुड़ी घटनाओं और पुलिस कार्रवाई समेत सभी पहलुओं पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष की मांग के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर सदन में बयान देंगे और चर्चा का जवाब भी देंगे।
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन और उससे जुड़ी सभी गतिविधियों पर संसदीय नियमों और परंपराओं के तहत विस्तार से चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि जब सदन में गृह मंत्री या सरकार की ओर से बयान दिया जाए, तो विपक्षी सांसद हंगामा करने के बजाय उसे शांतिपूर्वक सुनें और चर्चा में भाग लें।
रिजिजू ने कहा कि सरकार की ओर से चर्चा को लेकर कोई आपत्ति नहीं है। उनका कहना है कि विपक्ष जिस भी पहलू को सदन में उठाना चाहता है, सरकार उस पर जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है और छात्रों से जुड़े मुद्दे पर व्यापक चर्चा के लिए अपनी सहमति दे दी है।
संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्षी दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार चर्चा और जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को भी संसदीय प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि गृह मंत्री सदन में बयान देते हैं और उसके बाद चर्चा होती है, तो विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा।
रिजिजू ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सामने आ रहे मतभेदों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी तरफ से चर्चा का प्रस्ताव दे दिया है, लेकिन विपक्षी खेमे में कुछ मुद्दों को लेकर आपसी मतभेद दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को अपने राजनीतिक मतभेद स्वयं सुलझाने होंगे। सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
छात्रों के प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा संसद के मौजूदा सत्र में विपक्ष के लिए प्रमुख विषय बना हुआ है। विपक्षी दलों का आरोप है कि दिल्ली और अन्य स्थानों पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने बल प्रयोग किया। विपक्ष इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांग रहा है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की संसद में मौजूदगी तथा उनके बयान की मांग लगातार कर रहा है।
इसी मांग को लेकर संसद के दोनों सदनों में विपक्षी सांसदों की ओर से हंगामा और नारेबाजी देखने को मिली है। कई मौकों पर सदन की कार्यवाही बाधित हुई है। विपक्ष का कहना है कि छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दे पर सरकार को सदन के भीतर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और पुलिस कार्रवाई के संबंध में जवाब देना चाहिए।
वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि वह छात्रों की चिंताओं और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। सरकार ने विपक्ष को चर्चा का अवसर देने की बात कही है। रिजिजू के बयान के बाद अब निगाहें इस बात पर हैं कि संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कब शुरू होती है और गृह मंत्री अमित शाह सदन में क्या जवाब देते हैं।
सरकार की ओर से यह भी संदेश दिया गया है कि संसद लोकतांत्रिक चर्चा का मंच है और किसी भी मुद्दे पर नियमों के तहत चर्चा की जा सकती है। सत्ता पक्ष चाहता है कि विपक्ष हंगामा करने के बजाय चर्चा में शामिल हो और सरकार का पक्ष सुनने के बाद अपनी बात रखे।
अब इस पूरे मामले में आगे की रणनीति विपक्षी दलों की बैठक और संसद की कार्यवाही पर निर्भर करेगी। यदि सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा को लेकर सहमति बनती है, तो छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर संसद में विस्तृत बहस हो सकती है। इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह के जवाब से सरकार का आधिकारिक रुख भी स्पष्ट होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में चल रहा गतिरोध खत्म करने की दिशा में केंद्र सरकार ने चर्चा का प्रस्ताव देकर पहल की है। सरकार ने जहां विस्तृत चर्चा और गृह मंत्री के जवाब की बात कही है, वहीं विपक्ष छात्रों के मुद्दे पर ठोस जवाब और कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी मांग रहा है। अब देखना होगा कि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है या संसद में इस मुद्दे को लेकर गतिरोध आगे भी जारी रहता है।
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