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पश्चिम बंगाल: सीमा पर तनाव और अवैध घुसपैठ को लेकर जारी विवाद के बीच बांग्लादेश ने एक बार फिर भारत के साथ अपनी ‘मैंगो डिप्लोमेसी’ को आगे बढ़ाया है। ढाका ने इस बार पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी और अन्य विशिष्ट व्यक्तियों के लिए प्रीमियम आमों की खेप भेजी है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन और राजनीतिक बयानों को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, बांग्लादेश ने कुल 500 किलोग्राम आम कोलकाता भेजे हैं, जो बेनापोल सीमा मार्ग से होते हुए बांग्लादेश के उप-उच्चायोग पहुंचे। इस खेप में लगभग 100 किलोग्राम आम विशेष रूप से शुभेंदु अधिकारी के लिए रखे गए हैं, जबकि बाकी आम अधिकारियों और अन्य गणमान्य लोगों में वितरित किए जाएंगे। इनमें ‘हिमसागर’, ‘हरिभांगा’ और ‘आम्रपाली’ जैसी प्रीमियम किस्में शामिल हैं।
बांग्लादेश और भारत के बीच आम और अन्य मौसमी उपहारों का आदान-प्रदान लंबे समय से कूटनीतिक परंपरा का हिस्सा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल में यह परंपरा नियमित रूप से देखी जाती थी, जब भारत के शीर्ष नेताओं और पश्चिम बंगाल के अधिकारियों को आम और हिलसा मछली भेजी जाती थी। हालांकि 2024 के बाद कुछ समय के लिए यह परंपरा प्रभावित हुई थी, लेकिन अब इसे फिर से जारी रखा गया है।
इस बार यह डिप्लोमेसी ऐसे समय सामने आई है जब सीमा पर ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ नीति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए इस नीति की वकालत की है, जिससे दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा है। वहीं, बांग्लादेश के कुछ नेताओं ने उनके बयानों की आलोचना भी की है। सीमा पर बीएसएफ और बीजीबी के बीच पहले भी अवैध घुसपैठ और डिपोर्टेशन को लेकर तनाव की स्थिति देखी जा चुकी है। इन सबके बीच आम का यह कूटनीतिक आदान-प्रदान एक प्रतीकात्मक संदेश माना जा रहा है, जो तनाव के बावजूद संवाद और संबंध बनाए रखने की कोशिश को दर्शाता है।





