उत्तराखंड
विद्या भारती खेल समारोह का समापन, CM धामी ने बांटे पुरस्कार
Rajeshwari Nishad
4 Nov 2026 5:20 PM IST

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गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में विद्या भारती द्वारा आयोजित 37वें अखिल भारतीय खेलकूद समारोह-2026 का बुधवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया और सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, एकता, सहयोग और राष्ट्रभावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गाजियाबाद पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में आयोजित इस राष्ट्रीय खेलकूद समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थियों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। एक नवंबर से शुरू हुए इस आयोजन का समापन चार नवंबर को हुआ। समारोह में खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षक, शिक्षक, विद्या भारती के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
खेल के मैदान में दिखाई देती है लघु भारत की तस्वीर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों की सहभागिता इस आयोजन को विशेष बनाती है। हिमालय के सीमांत क्षेत्रों से लेकर कन्याकुमारी और पश्चिमी सीमावर्ती इलाकों से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक के खिलाड़ियों का एक मंच पर एकत्र होना भारत की विविधता और एकता का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि खेल का मैदान एक ऐसा स्थान है, जहां भाषा, संस्कृति, वेशभूषा और क्षेत्रीय भिन्नताओं के बावजूद सभी खिलाड़ी एक समान उद्देश्य के साथ आगे बढ़ते हैं।मुख्यमंत्री ने अपने विद्यार्थी जीवन की यादें साझा करते हुए कहा कि अलग-अलग परिवेश से आए विद्यार्थियों को एक साथ देखकर उन्हें प्रसन्नता होती है।उन्होंने कहा कि खेलकूद प्रतियोगिताएं केवल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन नहीं करतीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक-दूसरे की संस्कृति और परंपराओं को समझने का अवसर भी देती हैं।
731 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
विद्या भारती के इस राष्ट्रीय आयोजन में एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के अंतर्गत 731 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी क्षमता, मेहनत और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
समारोह में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) में विद्या भारती को राज्य इकाई के रूप में मिली मान्यता का भी उल्लेख किया गया। इस प्रतियोगिता से चयनित खिलाड़ियों को आगे एसजीएफआई की प्रतियोगिताओं में विद्या भारती का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।इस तरह का राष्ट्रीय आयोजन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जाता है, जहां उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक खेलों का अनुभव प्राप्त होता है।राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं में भाग लेने से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी क्षमताओं का आकलन करने का अवसर मिलता है।
जीत और हार दोनों जीवन की सीख
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खेलों में जीत और हार दोनों का अपना महत्व है। जीत खिलाड़ी को आगे बढ़ने का उत्साह देती है, जबकि हार अपनी कमियों को पहचानकर बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देती है।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर अभ्यास, अनुशासन और कठिन परिश्रम आवश्यक हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में धैर्य, साहस, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।उन्होंने खिलाड़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करने का संदेश दिया।मुख्यमंत्री ने पेरिस पैरालंपिक-2024 में रजत पदक जीतने वाले निषाद कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प और नियमित अभ्यास से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समारोह में भाग लेने वाले विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगे।
विद्या भारती के योगदान की सराहना
मुख्यमंत्री ने विद्या भारती की शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।उन्होंने कहा कि संस्था शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।धामी ने कहा कि वर्ष 1952 में गोरखपुर में पहले सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना से शुरू हुई विद्या भारती की यात्रा आज देश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है।उन्होंने संस्था के ध्येय वाक्य 'सा विद्या या विमुक्तये' का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास करना भी है।मुख्यमंत्री ने ग्रामीण, सीमांत, जनजातीय और वंचित क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार के लिए संस्था के प्रयासों की प्रशंसा की।
खेलो इंडिया और फिट इंडिया का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने 'खेलो इंडिया' और 'फिट इंडिया मूवमेंट' जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे युवाओं में खेलों और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब छोटे गांवों और सामान्य परिवारों से आने वाले खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ खेलों को भी अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उत्तराखंड में खेल सुविधाओं के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने बताया कि राज्य में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, खेल संसाधन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।सरकार का उद्देश्य है कि दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को भी अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिले।उन्होंने कहा कि ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और मंच उपलब्ध कराने की है।
विजेता खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं
समारोह के समापन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी और सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए विद्या भारती के पदाधिकारियों, आचार्यों, प्रशिक्षकों और आयोजन समिति से जुड़े कार्यकर्ताओं की सराहना की।कार्यक्रम में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के महामंत्री देशराज शर्मा, अखिल भारतीय सह-संगठन मंत्री यतीन्द्र कुमार शर्मा, खेल विभाग के अखिल भारतीय संयोजक मुक्तेश बगेशा, महेश गुप्ता और डॉ. विजय पाल सहित अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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