उत्तराखंड

Uttarakhand:बेटा ही निकला बाप का हत्यारा, पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

Sarita
3 Dec 2025 6:36 AM IST
Uttarakhand:बेटा ही निकला बाप का हत्यारा, पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
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Uttarakhand उत्तराखंड: पुलिस और CBI की टीम ने मंगलवार को उत्तराखंड के हरिद्वार में रिटायर्ड एयरफोर्स ऑफिसर भगवान सिंह की हत्या का खुलासा किया। उनकी हत्या का मास्टरमाइंड कोई बदमाश लिफ़्ट लेने वाला नहीं, बल्कि उनका अपना बेटा निकला। पुलिस ने बताया कि करोड़ों की प्रॉपर्टी हड़पने की नीयत से इस शातिर बेटे ने दो दोस्तों के साथ मिलकर पूरी घटना की साजिश रची और अपने पिता की हत्या करवा दी।
पुलिस ने मृतक भगवान सिंह के बेटे समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) प्रमोद सिंह डोभाल ने बताया कि 29 नवंबर की देर रात भगवान सिंह के बेटे यशपाल ने कंट्रोल रूम को सूचना दी कि वह अपने पिता के साथ रोशनाबाद में एक शादी में जा रहा है। जटवाड़ा पुल के पास एक आदमी ने लिफ्ट मांगी और जैसे ही वह कार में बैठे, उन्हें गोली मार दी और भाग गए। मामले की जांच के लिए बहादराबाद थाना, रानीपुर कोटवाली और CBI की जॉइंट इन्वेस्टिगेशन टीम लगाई गई है। जब पुलिस मौके पर पहुंची और यशपाल से पूछताछ की, तो वह अपने बयान बदलने लगा। वह इस बारे में भी ठीक से जवाब नहीं दे पाया कि वह किस दोस्त की शादी में जा रहा है। यहीं से शक की सुई उसके बेटे की तरफ मुड़ी।
SSP ने बताया कि सख्ती से पूछताछ करने पर बेटे के जवाब उलझाने वाले होते गए। आखिर में वह टूट गया और उसने कबूल कर लिया कि उसने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस के मुताबिक, मृतक भगवान सिंह एयरफोर्स से रिटायर्ड था और करोड़ों की प्रॉपर्टी का मालिक था। बेटे की बुरी संगत और आदतों की वजह से दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। बेटे ने कई बार अपने पिता पर प्रॉपर्टी अपने नाम करने का दबाव बनाया, लेकिन उसके पिता ने साफ मना कर दिया और उसे घर से निकालने की धमकी भी दी। इसी रंजिश में बेटे ने हत्या की साजिश रची।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि यशपाल ने अपने दोस्तों ललित मोहन उर्फ ​​राजन और शेखर से अपने पिता की हत्या के बदले 30 लाख रुपये और एक स्कॉर्पियो देने का सौदा किया था। तीनों ने 29 नवंबर की दोपहर नहर की पटरी की रेकी की और रात में वारदात को अंजाम दिया। रात करीब 8 बजे यशपाल अपने पिता को दोस्त की शादी का झांसा देकर अपने साथ कार में ले गया। उसके दोस्त राजन और शेखर जटवाड़ा पुल के पार बैराज के पास पहले से मौजूद थे। प्लान के मुताबिक, यशपाल ने अपने पिता से कार रुकवाई और खुद ड्राइवर की सीट पर बैठ गया। फिर वारदात को अंजाम दिया गया।
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