उत्तराखंड

Uttarakhand : बारिश का कहर, 32 सड़कें बंद

Kavita2
8 July 2026 11:05 AM IST
Uttarakhand : बारिश का कहर, 32 सड़कें बंद
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देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के चलते मंगलवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से भारी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा गिरने के कारण सड़कें बाधित हो गईं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, प्रदेश में कुल 32 सड़कें मलबा आने के कारण बंद हो गई हैं।

प्रशासन की ओर से बंद सड़कों को खोलने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने का अभियान चलाया जा रहा है, ताकि यातायात व्यवस्था को जल्द बहाल किया जा सके।

कई इलाकों में हुई जोरदार बारिश

देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश पंतनगर में 107 मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, चोरगलिया में 79.5 मिलीमीटर, रुद्रपुर में 43.5 मिलीमीटर, यमकेश्वर में 38 मिलीमीटर, किच्छा में 32.5 मिलीमीटर और खानपुर में 27 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

वहीं देहरादून और लक्सर में करीब 19-19 मिलीमीटर, हाथीबड़कला में 15 मिलीमीटर, पिथौरागढ़ में 8.9 मिलीमीटर और लोहाघाट में 8 मिलीमीटर बारिश हुई।

मलबा आने से यातायात प्रभावित

पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के बाद भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई मार्गों पर अचानक मलबा आने से वाहनों की आवाजाही रुक गई।

SEOC के अनुसार, बारिश के कारण बंद हुई 32 सड़कों में कई ग्रामीण और संपर्क मार्ग शामिल हैं। प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द सड़कों को खोलने की कार्रवाई करें।

अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम खराब रहने के कारण राहत और सड़क बहाली के कार्यों में सावधानी बरती जा रही है।

बुधवार को भी भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने बुधवार को भी उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकतर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

इसके अलावा कई जिलों में भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश का अनुमान लगाया है।

प्रशासन ने जारी की सतर्कता

लगातार बारिश और मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन टीमें सक्रिय कर दी गई हैं और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।

पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों से अपील की गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा करें। प्रशासन ने विशेष रूप से नदी-नालों और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।

चारधाम यात्रा और पर्यटकों पर भी नजर

मानसून के दौरान उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और पर्यटन गतिविधियों पर भी मौसम का असर पड़ता है। भारी बारिश के कारण कई बार सड़क मार्ग बाधित हो जाते हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

प्रशासन और पुलिस विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यात्रियों को मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

पहाड़ों में बढ़ा भूस्खलन का खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से जमीन कमजोर हो जाती है, जिससे भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सड़क किनारे बने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में बारिश के दौरान सड़क संपर्क बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। हालांकि, विभागों की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो।

आगे भी सतर्क रहने की जरूरत

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में राज्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं। बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोला जा रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है।

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