उत्तराखंड

Uttarakhand: भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई सड़कें बंद

Sarita
3 Sept 2025 6:31 AM IST
Uttarakhand: भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई सड़कें बंद
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Uttarakhand उत्तराखंड: उत्तराखंड के कुमाऊं में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। नदियां उफान पर हैं। भूस्खलन के कारण करीब पांच दर्जन सड़कें बंद हैं। जलाशयों पर भी खतरा मंडरा रहा है। मंडल के सभी जिले अतिवृष्टि से प्रभावित हैं। पहाड़ों में लगातार भारी बारिश हो रही है। इससे मैदानी इलाकों में नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है। उधमसिंह नगर जिले में स्थित नानक सागर, बागुल और धौरा जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों पर बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है।
उत्तराखंड सिंचाई विभाग की ओर से अलर्ट जारी कर दिया गया है और चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। जलस्तर पर नजर रखने और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए अधिकारियों को तैनात किया गया है। नैनीताल जिले में भी नदियां और नाले उफान पर हैं। गोला और अन्य नदियों के साथ ही शेरनाला, रक्सिया और धनगढ़ नालों में भी जलस्तर बढ़ गया है। आवाजाही प्रभावित हुई है। सुरक्षा की दृष्टि से गौला पुल पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
उधर, नैनीताल में आज एक बड़ा हादसा टल गया। एक कार पर भारी चट्टान गिर गई। इससे कार का बोनट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कार में हरिद्वार निवासी श्याम कुमार और सुभाष सवार थे। दोनों मामूली रूप से घायल हो गए। पुलिस प्रशासन मौके पर पहुँच गया और दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
भारी बारिश का असर अल्मोड़ा में भी देखने को मिला है। यहाँ भी भूस्खलन के कारण 56 सड़कें बंद हैं। इनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। ज़िलाधिकारी आलोक कुमार पांडे ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए अलर्ट घोषित कर दिया है और आईआरएस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है। साथ ही
सिस्टम के तहत
तैनात अधिकारियों को आपदा नियंत्रण कक्ष में तैनात रहने के आदेश दिए गए हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।
चंपावत में भी भारी बारिश के कारण जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यहाँ कुल 14 सड़कें बंद हैं। एनएच 09 पिछले पाँच दिनों से बंद है। यहाँ स्वाला और टिफिन टॉप में लगातार भूस्खलन हो रहा है। इसके साथ ही पिथौरागढ़ में काली नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर 889 से बढ़कर 889.50 मीटर पर पहुंच गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को एहतियात बरतने को कहा गया है।
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