उत्तराखंड

Uttarakhand : वनाग्नि नियंत्रण के लिए सरकार की बड़ी पहल, 496 समितियों को 30-30 हजार की सहायता

Kavita2
27 May 2026 10:50 AM IST
Uttarakhand : वनाग्नि नियंत्रण के लिए सरकार की बड़ी पहल, 496 समितियों को 30-30 हजार की सहायता
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Uttarakhand उत्तराखंड : वनों में आग लगने की घटनाओं को नियंत्रित करने और वनाग्नि प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए लगातार प्रभावी प्रयास कर रही है और इसमें जनसहभागिता को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है।

वन मंत्री ने बताया कि वनों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए ग्राम स्तर पर गठित 496 वनाग्नि प्रबंधन समितियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रत्येक समिति को 30-30 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर आग नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

उन्होंने कहा कि वन संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से इन समितियों को सशक्त किया जा रहा है ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

इसके साथ ही सरकार ने यह भी घोषणा की है कि वनों को आग से बचाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और समूहों को सम्मानित किया जाएगा। इस योजना के तहत सरकारी और निजी दोनों स्तरों पर उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है।

मंत्री ने बताया कि प्रत्येक जिले में दो श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे। इनमें तीन-तीन पुरस्कार शामिल होंगे, जिनमें प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 75 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस प्रकार के प्रोत्साहन से लोगों में वन संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे अधिक सक्रिय रूप से वनाग्नि रोकथाम में भाग लेंगे। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वन संपदा की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वनाग्नि की घटनाएं पर्यावरण, जैव विविधता और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। इसलिए समय रहते नियंत्रण और रोकथाम बेहद जरूरी है। इस दिशा में स्थानीय समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में वन संरक्षण और अग्नि नियंत्रण से जुड़ी योजनाओं को और अधिक विस्तार दिया जाएगा। इसके लिए तकनीकी साधनों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी शामिल किया जाएगा ताकि ग्रामीण स्तर पर क्षमता बढ़ाई जा सके।

इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे राज्य में वनाग्नि की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

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