उत्तराखंड

Dehradun: टेक होम राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए एफआरएस का उपयोग

Admindelhi1
27 May 2026 10:20 AM IST
Dehradun: टेक होम राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए एफआरएस का उपयोग
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टीएचआर वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए एफआरएस सिस्टम लागू

देहरादून: उत्तराखंड शासन मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में टेक होम राशन (टीएचआर) को शत प्रतिशत वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

मंगलवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण, मिशन वात्सल्य एवं मिशन शक्ति से संबंधित राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि टीएचआर का शत-प्रतिशत वितरण फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों तक राशन सही तरीके से पहुंचे और वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एफआरएस व्यवस्था लागू करने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक तैयारियां शीघ्र पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से वितरण प्रणाली की निगरानी बेहतर होगी तथा फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

मुख्य सचिव ने टेक होम राशन का 100 प्रतिशत वितरण फेस रेकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के तहत किया जाए। उन्होंने इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं शीघ्र सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने जिलास्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समितियों की बैठकें निर्धारित समय पर नियमित रूप से की जाने के निर्देश दिए, ताकि सम्बन्धित विभागों से लगातार समन्वय स्थापित कर समस्याओं का निस्तारण किया जा सके। मुख्य सचिव ने सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन भी आंगनवाड़ी केंद्रों में विद्युत एवं पेयजल की उपलब्धता नहीं है, सम्बन्धित विभागों को ऐसे केंद्रों की सूची उपलब्ध करायी जाए। आवश्यकता पड़ने पर इसके लिए फंड्स भी उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन आंगनवाड़ी केंद्रों के अपने भवन नहीं हैं, यदि आसपास नए पंचायत भवन बनने के कारण या अन्य कारणों से पुराने पंचायत भवनों का उपयोग नहीं हो रहा है, आंगनवाड़ी केंद्रों के उपयोग के लिए दे दिए जाएं। विभाग ऐसे पंचायत भवनों की मरम्मत आदि करा कर उपयोग करे। असुरक्षित पंचायत भवनों को ध्वस्त कर फिर से भवन निर्माण कराया जाए। मुख्य सचिव ने विभाग के अंतर्गत सभी राजकीय एवं स्वैच्छिक बाल देखरेख संस्थाओं को थर्ड पार्टी ऑडिट करवाए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव चन्द्रेश कुमार यादव, डॉ वी. षणमुगम, रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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