
रुड़की। कांवड़ यात्रा के दौरान गंगनहर कांवड़ पटरी पर उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब एक कांवड़ यात्री की कांवड़ खंडित हो गई। कांवड़ टूटने से नाराज यात्री और उसके साथ मौजूद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से मामला बड़ा रूप लेने से पहले ही शांत करा लिया गया।
पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए कांवड़ यात्रियों को समझाया और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए समाधान निकाला। इसके बाद रुड़की से एक पुलिसकर्मी को कांवड़ यात्री के साथ हरकी पैड़ी भेजा गया, जहां से दोबारा गंगाजल लाकर कांवड़ यात्रा को आगे बढ़ाया गया।
संतोषी माता मंदिर के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, मेरठ जिले के परतापुर थाना क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर गावड़ी निवासी लक्की अपने परिवार के सदस्यों और साथियों के साथ हरिद्वार से 51 लीटर की कांवड़ लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे।
यात्रा के दौरान गंगनहर कांवड़ पटरी पर संतोषी माता मंदिर के समीप यह घटना हुई। बताया जा रहा है कि इसी दौरान एक युवक का हाथ लगने से कांवड़ असंतुलित हो गई और नीचे गिर गई। गिरने के कारण कांवड़ खंडित हो गई।
कांवड़ खंडित होते ही यात्री और उसके साथ चल रहे लोगों में नाराजगी फैल गई। उन्होंने घटना को लेकर विरोध जताना शुरू कर दिया और मौके पर हंगामा होने लगा।
मौके पर पहुंची पुलिस ने संभाला मोर्चा
कांवड़ पटरी पर हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हालात को समझते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया और कांवड़ यात्रियों को शांत कराने का प्रयास किया।
पुलिस अधिकारियों और जवानों ने यात्रियों को समझाया कि किसी भी विवाद से स्थिति खराब हो सकती है। उन्होंने धैर्य बनाए रखने की अपील की और धार्मिक परंपरा के अनुसार समाधान निकालने का भरोसा दिया।
पुलिस की समझदारी और बातचीत के बाद यात्री शांत हुए। इससे मौके पर किसी बड़े विवाद की स्थिति बनने से बच गई।
दोबारा गंगाजल लाकर पूरी की गई यात्रा
कांवड़ खंडित होने के बाद पुलिस ने यात्रियों की आस्था और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की। रुड़की से एक पुलिसकर्मी को कांवड़ यात्री के साथ हरकी पैड़ी भेजा गया।
हरकी पैड़ी पहुंचकर दोबारा गंगाजल लिया गया और इसके बाद कांवड़ यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया। पुलिस की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।
पुलिस की सतर्कता से टला विवाद
कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों की ओर जाते हैं। ऐसे में छोटी-सी घटना भी कई बार तनाव का कारण बन सकती है।
पुलिस प्रशासन पहले से ही कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहता है। इस घटना में भी पुलिस ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया और यात्रियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए समाधान कराया।
कांवड़ यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी
कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। प्रमुख मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यवस्था तैयार रखी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्राथमिकता है। साथ ही, किसी भी विवाद या अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय है।
यात्रियों से संयम बरतने की अपील
पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा के दौरान संयम बनाए रखें और किसी भी छोटी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय प्रशासन का सहयोग करें। आपसी सहयोग और समझदारी से ही कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराया जा सकता है।
इस घटना में भी पुलिस की तत्परता के कारण मामला शांतिपूर्वक समाप्त हुआ और कांवड़ यात्री अपनी धार्मिक यात्रा को आगे जारी रख सके।





