खेलते-खेलते नाले में गिरी दो बच्चियां, SDRF का तलाशी अभियान जारी

हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। सिडकुल थाना क्षेत्र के रावली महदूद गांव में तेज बारिश के कारण नाले में पानी का बहाव अचानक बढ़ गया, जिसकी चपेट में दो बच्चियां आ गईं। हादसे में एक 7 वर्षीय बच्ची को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि 6 वर्षीय बच्ची तेज बहाव में बह गई और देर रात तक उसका कोई पता नहीं चल सका।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और स्थानीय लोग बच्ची की तलाश में जुट गए। सूचना मिलने पर पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
खेलते समय नाले में गिरीं दोनों बच्चियां
पुलिस के अनुसार, लापता बच्ची की पहचान 6 वर्षीय विधिका के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के फरीदपुर मान उर्फ पापड़ावली गांव की रहने वाली बताई जा रही है। वर्तमान में उसका परिवार हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र के रावली महदूद इलाके में कृपाल स्कूल के पास रहता है।
विधिका के पिता सिडकुल क्षेत्र में मजदूरी का काम करते हैं। बताया गया कि सोमवार शाम क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान विधिका अपनी 7 वर्षीय सहेली हिमानी के साथ घर के आसपास खेल रही थी।
खेलते-खेलते दोनों बच्चियां अचानक पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गईं। आसपास मौजूद लोगों ने जब शोर सुना तो वे तुरंत मदद के लिए दौड़े।
स्थानीय लोगों ने प्रयास कर 7 वर्षीय हिमानी को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन विधिका पानी के तेज बहाव में बह गई। कुछ ही देर में घटना की जानकारी पूरे इलाके में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।
परिवार में मचा कोहराम
बच्ची के पानी में बहने की खबर मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। मासूम के लापता होने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोग भी बच्ची को तलाशने में पुलिस और बचाव टीमों की मदद कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के दौरान नाले में अचानक पानी का स्तर बढ़ गया था। तेज बहाव के कारण बचाव कार्य में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
पुलिस और SDRF ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना सिडकुल थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची की तलाश शुरू कर दी।
इसके बाद SDRF की टीम को भी बुलाया गया। SDRF जवानों ने नाले में उतरकर बच्ची की तलाश शुरू की। टीम ने नाले के अंदर, आसपास के हिस्सों और संभावित स्थानों पर देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया।
बारिश और पानी के तेज बहाव के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना रहा। इसके बावजूद SDRF और पुलिस की टीम लगातार बच्ची को खोजने में जुटी रही।
नाले की सफाई के लिए उतारी गई JCB
बचाव अभियान को तेज करने के लिए नाले की सफाई भी कराई गई। प्रशासन की ओर से JCB मशीन लगाकर नाले में जमा मलबे और रुकावटों को हटाने का प्रयास किया गया।
अधिकारियों को उम्मीद थी कि नाले में फंसे किसी स्थान पर बच्ची का पता लगाया जा सकता है। हालांकि देर रात तक तलाशी अभियान जारी रहा।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
बारिश के दौरान पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में नालों और छोटे जलस्रोतों में अचानक पानी का बहाव बढ़ जाता है। ऐसे में खुले नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
हरिद्वार जैसे क्षेत्रों में मानसून के दौरान जलभराव और तेज बहाव की घटनाएं सामने आती रहती हैं। प्रशासन भी लगातार लोगों से बारिश के समय नालों और नदी किनारे जाने से बचने की अपील करता है।
पुलिस ने हर संभव प्रयास का भरोसा दिया
सिडकुल थाना प्रभारी अजय शाह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि जानकारी मिली थी कि एक बच्ची पानी में बह गई है।
उन्होंने कहा कि बच्ची की तलाश के लिए SDRF टीम को बुलाया गया और पुलिस व SDRF संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चला रही है। बच्ची को खोजने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस और SDRF की टीमें नाले और आसपास के क्षेत्रों में लगातार खोजबीन कर रही हैं। वहीं, पूरा परिवार बच्ची के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।





