
उत्तराखंड : चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआइटी) को तीसरे आरोपित मनोज कुमार से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान मनोज कुमार ने वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल के साथ अपनी नजदीकी को स्वीकार किया और मामले से जुड़े कई तथ्यों के बारे में जानकारी दी। एसआइटी ने आरोपित की निशानदेही और पूछताछ के आधार पर बड़ी मात्रा में सोना-चांदी की वस्तुएं तथा नकदी बरामद करने की बात कही है।
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ एसआइटी अब चोरी किए गए चढ़ावे, उससे जुड़े लोगों और कथित लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। तीसरे आरोपित से पूछताछ को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पुलिस का कहना है कि उसके बयान से मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े कुछ पहलुओं की जानकारी सामने आई है।
पूछताछ में कई राज खुलने का दावा
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद मनोज कुमार से एसआइटी ने विस्तृत पूछताछ की। इस दौरान आरोपित ने प्रमोद नौटियाल के साथ अपनी नजदीकी के बारे में जानकारी दी। पुलिस अब इस संबंध के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों के बीच किस तरह का संपर्क था और इसका चढ़ावा चोरी मामले से क्या संबंध है।
पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों को एसआइटी अन्य साक्ष्यों से मिलान कर रही है। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि चोरी की गई वस्तुएं कहां रखी गईं और उन्हें किस तरह ठिकाने लगाने की कोशिश की गई।
हालांकि, पुलिस पूछताछ में सामने आए दावों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। किसी भी आरोपित के बयान को अंतिम साक्ष्य मानने से पहले जांच एजेंसी को अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से उसकी पुष्टि करनी होगी।
बड़ी मात्रा में सोना-चांदी और नकदी बरामद
एसआइटी ने मनोज कुमार की निशानदेही पर बड़ी मात्रा में सोना-चांदी की वस्तुएं और नकदी बरामद करने की बात कही है। बरामद सामान को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद की गई वस्तुएं चढ़ावे से संबंधित हैं या नहीं।
बरामद सामान का विधिवत रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही सोने और चांदी की वस्तुओं की पहचान तथा उनकी कीमत का आकलन भी जांच प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। नकदी के स्रोत की भी जांच की जाएगी।
पुलिस के सामने अब यह महत्वपूर्ण सवाल है कि चढ़ावे से जुड़ी कितनी वस्तुएं चोरी हुई थीं और बरामद सामान का उनमें से कितने हिस्से से संबंध है। इसके लिए शिकायत, रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है।
प्रमोद नौटियाल से संबंध की जांच
मनोज कुमार द्वारा पूछताछ के दौरान वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल के साथ नजदीकी स्वीकार किए जाने की बात सामने आने के बाद एसआइटी इस पहलू की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों की मुलाकात और संपर्क किस संदर्भ में था।
जांच टीम यह भी देख सकती है कि आरोपितों के बीच फोन कॉल, संदेश, आर्थिक लेन-देन या अन्य किसी माध्यम से संपर्क हुआ था या नहीं। उपलब्ध तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण कर पूछताछ में सामने आए तथ्यों की पुष्टि की जा सकती है।
यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो पुलिस उनसे भी पूछताछ कर सकती है।
चोरी के सामान की बरामदगी पर जोर
चढ़ावा चोरी जैसे मामले में पुलिस के लिए चोरी की गई वस्तुओं की बरामदगी महत्वपूर्ण होती है। सोना-चांदी और नकदी की बरामदगी से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे यह पता लगाने में भी सहायता मिलेगी कि चोरी के बाद सामान को कहां और किसके पास रखा गया था।
एसआइटी अब बरामद वस्तुओं के स्रोत और उनके वास्तविक स्वामित्व की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि चोरी के सामान को बेचने या उसे किसी अन्य तरीके से ठिकाने लगाने की कोशिश तो नहीं की गई थी।
जांच का दायरा बढ़ने की संभावना
तीसरे आरोपित की गिरफ्तारी और उससे हुई पूछताछ के बाद मामले की जांच का दायरा बढ़ सकता है। यदि मनोज कुमार से मिली जानकारी अन्य साक्ष्यों से मेल खाती है तो एसआइटी के लिए मामले की पूरी कड़ी जोड़ना आसान हो सकता है।
जांच एजेंसी चोरी की घटना, आरोपितों के बीच संपर्क, चोरी की वस्तुओं के स्थानांतरण और बरामदगी से जुड़े प्रत्येक पहलू की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि बरामद वस्तुओं को कानूनी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा जाए।
आगे की कार्रवाई पर नजर
एसआइटी की जांच अभी जारी है। मनोज कुमार से मिली जानकारी के आधार पर आगे और पूछताछ हो सकती है। साथ ही बरामद सोना-चांदी की वस्तुओं और नकदी के संबंध में दस्तावेजी तथा अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसे भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है।
फिलहाल चढ़ावा चोरी मामले में तीसरे आरोपित मनोज कुमार से पूछताछ को एसआइटी के लिए अहम माना जा रहा है। पुलिस का दावा है कि आरोपित ने प्रमोद नौटियाल के साथ अपनी नजदीकी समेत कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं और उसकी निशानदेही पर बड़ी मात्रा में सोना-चांदी की वस्तुएं तथा नकदी बरामद हुई है। अब इन बरामद वस्तुओं और पूछताछ में सामने आए तथ्यों की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।





