उत्तराखंड

हल्द्वानी में निजी बसों की मनमानी पर भड़के SSP, पुलिस अधिकारियों को जमकर फटकारा

Kavita2
28 Oct 2026 2:54 PM IST
हल्द्वानी में निजी बसों की मनमानी पर भड़के SSP, पुलिस अधिकारियों को जमकर फटकारा
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हल्द्वानी। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी शहर में निजी बस संचालकों की मनमानी, अवैध पार्किंग और लगातार लगने वाले ट्रैफिक जाम को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. मंजुनाथ टीसी ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को हल्द्वानी कोतवाली सभागार में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक के दौरान एसएसपी ने यातायात व्यवस्था में लापरवाही पर पुलिस अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कोतवाल, यातायात निरीक्षक, सीपीयू प्रभारी और संबंधित चौकी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर में अनियमित रूप से संचालित निजी बसों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। एसएसपी ने मंगलपड़ाव और भोटियापड़ाव चौकी प्रभारियों को तीन दिन में व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सड़कों पर मनमाने तरीके से बसें खड़ी करने और निर्धारित मार्गों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में महिला सुरक्षा, लंबित विवेचनाओं और पुलिस गश्त को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

अपराध समीक्षा बैठक में ट्रैफिक व्यवस्था पर भड़के एसएसपी

हल्द्वानी कोतवाली सभागार में मंगलवार को आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में जिले के विभिन्न पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने शहर की यातायात व्यवस्था की समीक्षा की।

इस दौरान निजी बसों की अवैध पार्किंग और जाम की समस्या सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों से जवाब मांगा।

एसएसपी ने नाराजगी जताई कि शहर की सड़कों पर निजी बसें मनमाने तरीके से खड़ी की जा रही हैं, लेकिन उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।

उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि आखिर यातायात व्यवस्था को सुधारने की जिम्मेदारी किसकी है।

एसएसपी ने कहा कि सड़क पर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ केवल चेतावनी देने के बजाय नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

किच्छा और रुद्रपुर से आने वाली बसों पर सख्ती

बैठक के दौरान एसएसपी ने किच्छा और रुद्रपुर की ओर से हल्द्वानी आने वाली निजी बसों का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में निजी बसें लगातार शहर में प्रवेश करती हैं।

इससे मुख्य मार्गों पर यातायात प्रभावित होता है और कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन जाती है।

विशेष रूप से व्यस्त समय में बसों के रुकने और सवारियां भरने के कारण अन्य वाहनों को गुजरने में परेशानी होती है।

एसएसपी ने निर्देश दिए कि शहर के भीतर अनावश्यक प्रवेश करने वाली और नियमों का उल्लंघन करने वाली निजी बसों को सीज किया जाए।

उन्होंने यातायात अधिकारियों से निर्धारित मार्गों का पालन सुनिश्चित कराने को भी कहा।

तीन दिन में व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम

एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने मंगलपड़ाव और भोटियापड़ाव चौकी प्रभारियों को यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए तीन दिन का समय दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अवधि में निजी बसों की अवैध पार्किंग और अनियमित संचालन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।

एसएसपी ने मंगलवार शाम तक ही कुछ नियम तोड़ने वाली बसों को सीज करने के निर्देश दिए थे।

अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि निर्धारित समय में सुधार नहीं हुआ तो उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

ठंडी सड़क पर बसों के जमावड़े से नाराजगी

हल्द्वानी की ठंडी सड़क पर निजी बसों की अवैध पार्किंग लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है।

स्थानीय स्तर पर सामने आई शिकायतों के अनुसार, सड़क किनारे बड़ी संख्या में बसें खड़ी होने से रास्ता संकरा हो जाता है।

इससे पैदल चलने वालों, बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी होती है।

एसएसपी ने बैठक में ठंडी सड़क को निजी बसों का अड्डा बनाए जाने पर नाराजगी जताई।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूछा कि बिना अनुमति खड़ी बसों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।

एसएसपी ने सड़क को अवैध पार्किंग से मुक्त कराने और बस संचालकों से यातायात नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए।

देवलचौड़ और गौलापार में बसें पार्क कराने के निर्देश

निजी बसों की पार्किंग व्यवस्था सुधारने के लिए एसएसपी ने वैकल्पिक स्थानों का उपयोग कराने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि निजी बसों को शहर के भीतर मनमाने स्थानों पर खड़ा करने के बजाय देवलचौड़ अथवा गौलापार में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार पार्क कराया जाए।

इसके अलावा मंडी बाईपास के पास संचालित निजी बस अड्डे को लेकर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

एसएसपी ने यातायात निरीक्षक से कहा कि सप्ताहांत में वाहनों का दबाव बढ़ने की स्थिति को देखते हुए पहले से यातायात योजना तैयार रखी जाए।

जहां संभव हो, बाहरी मार्गों से आने-जाने वाले वाहनों को बाईपास से निकाला जाए, ताकि शहर के भीतर जाम कम हो सके।

महिला यात्रियों की सुरक्षा पर उठाए सवाल

अपराध समीक्षा बैठक में एसएसपी ने महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि हल्द्वानी से रुद्रपुर और अन्य शहरों में काम करने जाने वाली कई महिलाएं देर शाम और रात में सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करती हैं।

ऐसे समय में कुछ निजी बस संचालकों द्वारा सुनसान स्थानों पर सवारियां बैठाने की शिकायतें सामने आती हैं।

एसएसपी ने अधिकारियों से पूछा कि ऐसी परिस्थितियों में महिलाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने निर्देश दिए कि महिला यात्रियों के लिए सुरक्षित स्थानों पर बसों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए।

इसके साथ ही रात में नियमित निगरानी और पुलिस गश्त बढ़ाने पर जोर दिया गया।

लापरवाह पुलिसकर्मियों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी

एसएसपी ने बैठक में स्पष्ट किया कि यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने यातायात निरीक्षक को भी चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई नहीं होनी चाहिए।

इसके अलावा एसएसपी ने अधिकारियों से यह सवाल भी किया कि लगातार शिकायतों के बावजूद निजी बसों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

उन्होंने पुलिसकर्मियों और बस संचालकों के बीच किसी प्रकार की अनुचित मिलीभगत की आशंका का उल्लेख भी किया।

हालांकि, बैठक में सवाल उठाए जाने का अर्थ किसी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार साबित होना नहीं है।

ऐसे आरोपों के लिए अलग से जांच और साक्ष्यों की आवश्यकता होगी।

लंबित मामलों की विवेचना में देरी पर भी फटकार

यातायात व्यवस्था के अलावा एसएसपी ने लंबित आपराधिक मामलों की विवेचना को लेकर भी नाराजगी जताई।

उन्होंने संबंधित निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों से मामलों की जांच में हो रही देरी का कारण पूछा।

एसएसपी ने कहा कि विवेचनाओं को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने जांच अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए।

साथ ही चेतावनी दी कि लगातार लापरवाही सामने आने पर निलंबन और विभागीय जांच जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें और जांच की प्रगति पर नजर रखें।

रात में पुलिसकर्मियों की भी होगी एल्कोमीटर से जांच

एसएसपी ने रात्रिकालीन गश्त को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पुलिस टीमें सुबह और रात में नियमित रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त करें।

इसके साथ ही ड्यूटी पर जाने वाली पुलिस टीमों की एल्कोमीटर से जांच कराने के भी निर्देश दिए गए।

इस व्यवस्था का उद्देश्य ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के अनुशासन और जिम्मेदारी को सुनिश्चित करना है।

एसएसपी ने कहा कि कानून का पालन कराने वाले कर्मचारियों को स्वयं भी अनुशासन का पालन करना चाहिए।

बैठक में बेहतर कार्य करने वाले कुछ पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी किया गया।

त्योहारों और विधानसभा सत्र को लेकर पुलिस अलर्ट

आगामी त्योहारों और विधानसभा सत्र के मद्देनजर भी एसएसपी ने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।

उन्होंने बाजारों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को कहा।

इसके अतिरिक्त संदिग्ध व्यक्तियों की जांच, होटल और रेस्टोरेंट में सत्यापन तथा नियमित पुलिस गश्त पर जोर दिया गया।

त्योहारी दिनों में बाजारों में भीड़ बढ़ने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

ऐसे में पुलिस को पहले से तैयारी करने और आवश्यकता के अनुसार यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अब तीन दिन में व्यवस्था सुधारने की चुनौती

एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी की सख्त चेतावनी के बाद हल्द्वानी पुलिस के सामने अवैध पार्किंग और निजी बसों के अनियमित संचालन पर नियंत्रण की चुनौती है।

अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बसें निर्धारित स्थानों पर ही खड़ी हों और यातायात नियमों का उल्लंघन न करें।

इसके साथ ही महिला यात्रियों की सुरक्षा और शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या कम करने पर भी ध्यान देना होगा।

फिलहाल एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को तीन दिन की समय-सीमा देकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस की कार्रवाई से हल्द्वानी की सड़कों पर यातायात व्यवस्था में कितना सुधार होता है।

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