उत्तराखंड

केदारनाथ-बदरीनाथ जाने वालों के लिए खुशखबरी, 156 करोड़ का रुद्रप्रयाग बाईपास खुला

Kavita2
28 Oct 2026 2:03 PM IST
केदारनाथ-बदरीनाथ जाने वालों के लिए खुशखबरी, 156 करोड़ का रुद्रप्रयाग बाईपास खुला
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रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लगभग 22 वर्षों से प्रतीक्षित रुद्रप्रयाग बाईपास परियोजना का दूसरा चरण पूरा होने के बाद नए मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को परियोजना के तहत तैयार पुल और सुरंग का निरीक्षण किया था। इसके बाद फिलहाल ट्रायल के आधार पर वाहनों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है। करीब 156 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना के माध्यम से केदारनाथ और बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सीधे जुड़ जाएंगे। इससे चारधाम यात्रा के दौरान रुद्रप्रयाग शहर में लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। परियोजना का औपचारिक उद्घाटन नवंबर में होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, उद्घाटन की अंतिम तारीख अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है।

22 साल बाद पूरा हुआ रुद्रप्रयाग बाईपास का इंतजार

रुद्रप्रयाग बाईपास परियोजना का इतिहास करीब दो दशक पुराना है। चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ते यातायात और शहर की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए वर्ष 2003-04 में इस परियोजना को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिली थी।

परियोजना के पहले चरण का कार्य पूरा होने के बाद दूसरे चरण के निर्माण में देरी हुई। बजट और अन्य कारणों से काम लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ पाया।

इसके कारण रुद्रप्रयाग नगर के लोगों को वर्षों तक ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ा।

अब दूसरे चरण का निर्माण पूरा होने के साथ बाईपास के महत्वपूर्ण हिस्से को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। इससे स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

156 करोड़ रुपये से तैयार हुआ पुल और सुरंग मार्ग

रुद्रप्रयाग बाईपास के दूसरे चरण में आधुनिक सड़क बुनियादी ढांचे का निर्माण किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को रुद्रप्रयाग से भराड़ीसैंण की ओर जाते समय परियोजना स्थल पर पहुंचे थे।

उन्होंने नए पुल और सुरंग मार्ग का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों से निर्माण की स्थिति और यातायात व्यवस्था की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना पर ट्रायल के आधार पर वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है और जल्द ही इसका विधिवत लोकार्पण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, नया मार्ग स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं के साथ आपातकालीन परिस्थितियों में भी उपयोगी साबित हो सकता है।

रुद्रप्रयाग शहर को भीषण जाम से मिलेगी राहत

रुद्रप्रयाग नगर के लिए यातायात जाम लंबे समय से गंभीर समस्या रहा है। चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ और बदरीनाथ जाने वाले वाहनों का दबाव शहर की सड़कों पर बढ़ जाता है।

विशेष रूप से मुख्य बाजार और राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास वाहनों की लंबी कतारें लगने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है।

नई व्यवस्था के तहत बाहरी वाहनों का बड़ा हिस्सा बाईपास से गुजर सकेगा।

इससे बाजार क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होने और स्थानीय परिवहन व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

हालांकि, वास्तविक राहत इस बात पर निर्भर करेगी कि यात्रा सीजन में कितने वाहन नए मार्ग का उपयोग करते हैं और वहां यातायात कैसे नियंत्रित किया जाता है।

केदारनाथ और बदरीनाथ जाने वाले यात्रियों को फायदा

चारधाम यात्रा में रुद्रप्रयाग एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यहां से केदारनाथ और बदरीनाथ की ओर जाने वाले मार्ग अलग होते हैं।

दोनों धामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को अक्सर रुद्रप्रयाग के व्यस्त हिस्सों से होकर गुजरना पड़ता है।

बाईपास के शुरू होने से यात्रियों के पास अधिक सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध होगा।

इसके अलावा रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों के निवासियों को भी आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

वर्ष 2025 में उत्तराखंड के चारधामों में कुल 51 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। तीर्थयात्रियों की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए सड़क संपर्क और यातायात प्रबंधन का महत्व बढ़ जाता है।

पुल की लोड टेस्टिंग और तकनीकी परीक्षण पूरे

परियोजना के दूसरे चरण का निर्माण पूरा होने के बाद पुल की लोड टेस्टिंग सहित जरूरी तकनीकी परीक्षण किए गए थे।

इसके बाद मार्ग को परीक्षण के आधार पर वाहनों की आवाजाही के लिए खोला गया।

पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण के दौरान ढलान, चट्टानों, जल निकासी और सुरक्षा संबंधी पहलुओं का विशेष ध्यान रखना पड़ता है।

सुरंग और पुल के माध्यम से तैयार इस संपर्क मार्ग के संचालन में भी नियमित निगरानी महत्वपूर्ण होगी।

यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यातायात संकेतकों, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का उचित रखरखाव जरूरी रहेगा।

नवंबर में हो सकता है विधिवत उद्घाटन

रुद्रप्रयाग बाईपास परियोजना के औपचारिक उद्घाटन को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नवंबर में लोकार्पण होने की संभावना है। इसके लिए 14 नवंबर की तारीख भी चर्चा में है।

हालांकि, राज्य सरकार ने अभी इस तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने निरीक्षण के दौरान केवल इतना स्पष्ट किया था कि परियोजना का विधिवत लोकार्पण जल्द किया जाएगा।

इसलिए फिलहाल मार्ग पर शुरू हुई आवाजाही को ट्रायल संचालन के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों को भी राहत की उम्मीद

रुद्रप्रयाग बाजार में यातायात जाम का असर स्थानीय दुकानदारों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों पर पड़ता है।

यात्रा सीजन में बड़ी संख्या में वाहनों के एक साथ बाजार से गुजरने के कारण सड़क पर भीड़ बढ़ जाती है।

बाईपास बनने से स्थानीय यातायात और लंबी दूरी के वाहनों के बीच दबाव कम किया जा सकेगा।

इसका लाभ आपातकालीन सेवाओं को भी मिल सकता है। एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं के वाहनों को यातायात जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

साथ ही बाजार में आवाजाही अधिक व्यवस्थित होने से स्थानीय कारोबार और नागरिक सुविधाओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

चारधाम सड़क संपर्क को मिलेगी मजबूती

रुद्रप्रयाग बाईपास चारधाम सड़क परियोजना से जुड़ी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल है।

इसका उद्देश्य केवल यात्रा का वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर बनाना भी है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि राज्य सरकार चारधाम यात्रा और दूरस्थ क्षेत्रों के आवागमन को सुरक्षित तथा सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

लगभग 22 वर्षों के इंतजार के बाद परियोजना के दूसरे चरण का पूरा होना इसी दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

अब मार्ग के नियमित संचालन और औपचारिक उद्घाटन के बाद यह स्पष्ट होगा कि रुद्रप्रयाग में यातायात की पुरानी समस्या कितनी कम होती है।

फिलहाल नए पुल और सुरंग पर ट्रायल के आधार पर वाहन चलने लगे हैं, जिससे स्थानीय लोगों और चारधाम यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

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