उत्तराखंड

आपदा प्रभावित परिवारों को राहत, कुंभ तैयारियों को भी मिली नई रफ्तार

nidhi
7 Oct 2026 10:33 AM IST
आपदा प्रभावित परिवारों को राहत, कुंभ तैयारियों को भी मिली नई रफ्तार
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नैनीताल में बनेगा नया पुल
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में विकास कार्यों, कुंभ मेला-2027 की तैयारियों और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए चार करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की हैं। इस पैकेज में सबसे बड़ी राशि नैनीताल जिले में क्षतिग्रस्त पुलिया की जगह नया पुल बनाने के लिए मंजूर की गई है। इसके साथ ही उत्तरकाशी, देहरादून और अल्मोड़ा के आपदा प्रभावित परिवारों के लिए राहत तथा हरिद्वार में कुंभ से जुड़े कार्यों के लिए भी धन जारी किया गया है।
राज्य योजना के तहत नैनीताल जिले के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में रामनगर-कालाढूंगी-हल्द्वानी-काठगोदाम-चोरगलिया-सितारगंज-बिजटी राज्य मार्ग संख्या-41 के किलोमीटर 36 पर निहाल नदी में क्षतिग्रस्त पुलिया के स्थान पर नया आरसीसी सेतु बनाया जाएगा। प्रस्तावित सेतु 21 मीटर विस्तार का होगा। इसके निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने 3.96 करोड़ रुपये की राशि मंजूर करने की स्वीकृति दी है।
सरकार के इस फैसले का उद्देश्य क्षतिग्रस्त सड़क संपर्क को बहाल करना और स्थानीय लोगों के आवागमन को सुरक्षित बनाना है। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से आवाजाही में परेशानी हो रही थी। नए सेतु के निर्माण के बाद इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। आपदा प्रभावित परिवारों के लिए भी अलग-अलग जिलों में आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। उत्तरकाशी जिले के ग्राम मोल्डा में अतिवृष्टि और भूस्खलन से प्रभावित सात परिवारों को सुरक्षित स्थान पर किराये के मकानों में रखने के लिए सहायता दी जाएगी। प्रत्येक परिवार को छह माह तक चार हजार रुपये प्रतिमाह की दर से किराया सहायता मिलेगी। इस मद में कुल 1.68 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
देहरादून के हाथीबड़कला क्षेत्र के पथरियापीर में आवासीय भवनों के पीछे बनी सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने से चार परिवारों की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ था। इन परिवारों को भी अस्थायी रूप से दूसरे स्थान पर किराये के मकानों में रखा जाएगा। इनके लिए छह महीने की अवधि में कुल 96 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है।
अल्मोड़ा जिले में 1 सितंबर 2026 को प्राकृतिक आपदा के दौरान पूरी तरह क्षतिग्रस्त एक आवासीय भवन के प्रभावित परिवार को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों के आश्रितों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष के निर्धारित मानकों के तहत मिलने वाली राहत के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से भी सहायता देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए तीन लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। यह राशि एक लाख रुपये प्रति मृतक के आश्रितों की दर से वितरित की जाएगी। सरकार का कहना है कि आपदा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए इस तरह की वित्तीय स्वीकृतियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
हरिद्वार में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर भी सरकार ने वित्तीय मंजूरी दी है। केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत कार्यों के लिए निर्धारित 100 करोड़ रुपये की सीमा के अंतर्गत दूसरे चरण में बची 20 लाख रुपये की राशि जारी करने का शासनादेश किया गया है। इस राशि का उपयोग कुंभ के दौरान आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं से जुड़े कार्यों को पूरा करने में किया जाएगा।
कुंभ के दौरान हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, यातायात और अन्य बुनियादी सुविधाओं की तैयारियां पहले से पूरी करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से सरकार चरणबद्ध तरीके से विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री धामी की ओर से दी गई वित्तीय मंजूरियों में विकास और आपदा राहत दोनों को शामिल किया गया है। एक ओर क्षतिग्रस्त पुल का पुनर्निर्माण और कुंभ से जुड़ी परियोजनाएं हैं, वहीं दूसरी ओर प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने पर जोर दिया गया है।
सरकार का फोकस है कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को समय पर राहत मिले और महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में धन की कमी के कारण काम न रुके। उत्तराखंड में मानसून के दौरान भूस्खलन, अतिवृष्टि और सड़क-पुल क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं बड़ी चुनौती रहती हैं। ऐसे में राहत के साथ स्थायी ढांचागत सुधार पर भी जोर दिया जा रहा है। फिलहाल स्वीकृत धनराशि के बाद संबंधित विभागों को कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार ने साफ किया है कि कुंभ-2027 की तैयारियों और आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता दोनों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
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