
x
तीन मासूमों की सांस पर संकट बिजली जाते ही डॉक्टरों ने संभाला मोर्चा
देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया, जब बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) में लगे वेंटिलेटर प्रभावित हो गए। वेंटिलेटर बंद होने की स्थिति में डॉक्टरों और स्टाफ ने तुरंत एंबु बैग की मदद से बच्चों की सांसों को बनाए रखा और उनकी जान बचाई।
घटना के दौरान PICU में भर्ती तीन बच्चे वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। बिजली जाने के बाद कुछ समय के लिए मशीनों पर असर पड़ा, जिसके बाद मेडिकल टीम ने बिना देरी किए वैकल्पिक व्यवस्था संभाली। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार अस्पताल के PICU में अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। वेंटिलेटर जैसे जीवन रक्षक उपकरण बिजली पर निर्भर होते हैं, ऐसे में कुछ समय के लिए स्थिति गंभीर बन गई। अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्यकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और बच्चों को एंबु बैग के जरिए मैनुअल ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। इससे बच्चों की सांसों को नियंत्रित रखा गया।
डॉक्टरों की तत्परता से बची बच्चों की जान
स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि आपात स्थिति में टीम ने तेजी से कार्रवाई की। वेंटिलेटर सपोर्ट पर मौजूद बच्चों की लगातार निगरानी की गई और बिजली व्यवस्था बहाल होने तक वैकल्पिक उपायों का इस्तेमाल किया गया। अस्पताल में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए बैकअप सिस्टम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस घटना ने अस्पतालों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति और आपात तैयारियों की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।
अस्पताल प्रशासन ने लिया संज्ञान
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने बिजली व्यवस्था और बैकअप सिस्टम की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। अस्पतालों में आईसीयू और वेंटिलेटर जैसे उपकरणों के लिए पावर बैकअप की व्यवस्था अनिवार्य मानी जाती है, क्योंकि कुछ मिनट की देरी भी गंभीर मरीजों के लिए खतरा बन सकती है।
परिवारों में बढ़ी चिंता
घटना के दौरान बच्चों के परिजनों में चिंता का माहौल रहा। हालांकि डॉक्टरों की तुरंत कार्रवाई के बाद स्थिति संभाल ली गई और किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। यह घटना एक बार फिर बताती है कि अस्पतालों में तकनीकी व्यवस्था के साथ-साथ प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की मौजूदगी भी जीवन बचाने में अहम भूमिका निभाती है।
Next Story





