उत्तराखंड

20 से 30 अक्टूबर के बीच पीएम मोदी का उत्तराखंड दौरा संभावित

Ashish verma
9 Oct 2026 9:58 PM IST
20 से 30 अक्टूबर के बीच पीएम मोदी का उत्तराखंड दौरा संभावित
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देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में उत्तराखंड का दौरा कर सकते हैं। उनके 20 से 30 अक्टूबर के बीच प्रदेश पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। संभावित कार्यक्रम में केदारनाथ और बदरीनाथ धाम प्रमुख केंद्र हो सकते हैं, जबकि टिहरी आने की संभावना भी चर्चा में है। दौरे को लेकर तैयारियां शुरू होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, शासन स्तर से अभी प्रधानमंत्री के आगमन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और यात्रा की अंतिम तारीख भी तय नहीं बताई गई है। jagran.com
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री के संभावित आगमन को देखते हुए केदारनाथ और बदरीनाथ में व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश भाजपा संगठन भी दौरे को लेकर उत्सुक है। प्रधानमंत्री पहले भी नवरात्र और दीपावली के आसपास उत्तराखंड आते रहे हैं। इस बार भी धार्मिक स्थलों की यात्रा की संभावना के बीच दोनों धामों पर नजर बनी हुई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि प्रधानमंत्री दोनों धामों में जाएंगे या किसी एक स्थान का कार्यक्रम बनेगा। यात्रा का क्रम और कार्यक्रमों का स्वरूप आधिकारिक घोषणा के बाद सामने आएगा। jagran.com
केदारनाथ को लेकर पहले सामने आई रिपोर्टों में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा का उल्लेख किया गया है। इन रिपोर्टों के मुताबिक, एसपीजी की टीम ने धाम का निरीक्षण किया है। हेलीपैड, संभावित कार्यक्रम स्थल और आवाजाही से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिए जाने की भी जानकारी है। संभावित दौरे में बाबा केदार के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ केदारपुरी में पुनर्निर्माण तथा विकास कार्यों की समीक्षा शामिल हो सकती है। हालांकि, इनमें से किसी गतिविधि को अभी अंतिम कार्यक्रम का हिस्सा नहीं माना जा सकता। alaknandasamachar
प्रधानमंत्री की यात्रा की चर्चा के साथ टिहरी की ऊर्जा परियोजना भी ध्यान खींच रही है। पहले की रिपोर्टों में टीएचडीसी की एक हजार मेगावाट क्षमता वाली पंप स्टोरेज परियोजना के लोकार्पण की संभावना जताई गई थी। यह कार्यक्रम संभावित उत्तराखंड यात्रा से जोड़कर देखा जा रहा है। लेकिन प्रधानमंत्री टिहरी जाएंगे या नहीं, इस पर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी तरह केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों के निरीक्षण को लेकर भी संभावनाएं व्यक्त की गई हैं। धार्मिक यात्रा और विकास परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रमों का पूरा विवरण अभी सामने आना बाकी है। molitics.in
इस बीच, चारधाम मार्ग से जुड़ी रुद्रप्रयाग बाईपास परियोजना के उद्घाटन की चर्चा भी चल रही है। परियोजना का दूसरा चरण पूरा होने की जानकारी सामने आई है। इसमें लगभग 900 मीटर लंबी सुरंग और अलकनंदा नदी पर करीब 190 मीटर लंबा मोटर पुल बनाया गया है। सुरंग में सड़क, बिजली, वेंटिलेशन और सुरक्षा उपकरणों से जुड़े काम पूरे बताए गए हैं। पुल की लोड टेस्टिंग और अन्य आवश्यक तकनीकी परीक्षण भी किए जा चुके हैं। अब परियोजना को औपचारिक रूप से यातायात के लिए शुरू किए जाने का इंतजार है।
रुद्रप्रयाग बाईपास शुरू होने से चारधाम यात्रा के दौरान शहर में वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। केदारनाथ और बदरीनाथ की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही के कारण यात्रा सीजन में नगर में जाम की समस्या रहती है। बाईपास के जरिए बाहरी यातायात का एक हिस्सा शहर से बाहर निकल सकेगा। दूसरे चरण को वर्ष 2021 में मंजूरी मिली थी और दिसंबर 2022 में लगभग 156 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण शुरू हुआ था। संभावित प्रधानमंत्री दौरे के दौरान इसके उद्घाटन की चर्चा है, लेकिन इस संबंध में अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
प्रधानमंत्री की उत्तराखंड यात्राओं में धार्मिक स्थलों के साथ संपर्क सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं भी प्रमुख रही हैं। 21 अक्टूबर 2022 को उन्होंने केदारनाथ और बदरीनाथ में दर्शन किए थे। उसी दौरे में बदरीनाथ के निकट माणा में सड़क और रोपवे से संबंधित 3,400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई थी। उस कार्यक्रम में तीर्थस्थलों तक पहुंच बेहतर बनाने और सीमावर्ती क्षेत्रों की संपर्क सुविधाएं मजबूत करने पर जोर दिया गया था। यह पिछली यात्रा का विवरण है; अक्टूबर 2026 के संभावित कार्यक्रम की परियोजनाओं की सूची अभी घोषित नहीं हुई है।
वर्ष 2022 की योजनाओं में केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे परियोजनाएं भी शामिल थीं। उस समय इनके जरिए तीर्थयात्रा में लगने वाला समय कम करने और यात्रियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का उद्देश्य बताया गया था। पहाड़ी क्षेत्रों में संपर्क साधनों के विस्तार को पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के लिए भी उपयोगी माना गया। इसी पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री की संभावित नई यात्रा के दौरान विकास कार्यों से जुड़े कार्यक्रमों पर ध्यान रहेगा। हालांकि, पुराने शिलान्यास कार्यक्रमों को इस बार के प्रस्तावित दौरे की नई घोषणाओं के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
फिलहाल राज्य में प्रधानमंत्री के संभावित दौरे की तैयारियों और आधिकारिक कार्यक्रम के इंतजार की स्थिति है। अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में आगमन की संभावना के बीच केदारनाथ, बदरीनाथ और टिहरी चर्चा में हैं। उपलब्ध जानकारी में यात्रा की तारीखों को लेकर अलग-अलग संभावित समयावधियां सामने आई हैं, इसलिए किसी एक दिन को निश्चित नहीं बताया जा सकता। प्रधानमंत्री कार्यालय और राज्य शासन की पुष्टि के बाद ही दर्शन, निरीक्षण, लोकार्पण तथा अन्य कार्यक्रमों का अंतिम स्वरूप स्पष्ट होगा। तब तक दौरे से जुड़ी जानकारी को संभावित कार्यक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है
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