उत्तराखंड

48 घंटे की मूसलाधार बारिश से पिथौरागढ़ का संपर्क कटा, हाईवे पर सैकड़ों वाहन फंसे

Kavita2
27 Sept 2026 4:58 PM IST
48 घंटे की मूसलाधार बारिश से पिथौरागढ़ का संपर्क कटा, हाईवे पर सैकड़ों वाहन फंसे
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पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में पिछले 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। लगातार हो रहे भूस्खलन और सड़कों पर मलबा आने के कारण जिले का शेष क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सामरिक और जनहित की दृष्टि से महत्वपूर्ण अधिकांश मार्ग बंद होने से पूरा जिला अलग-थलग पड़ गया है। कई स्थानों पर पहाड़ियों से लगातार बोल्डर और मलबा गिरने के कारण सड़क खोलने में भी परेशानी हो रही है।

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाट के समीप स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां पहाड़ी से लगातार भारी बोल्डर और मलबा गिर रहा है। इसके चलते पिछले करीब 36 घंटे से हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप है। सड़क बंद होने के कारण मार्ग के दोनों तरफ सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं।

लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण हाईवे पर सफर करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क खुलने का इंतजार कर रहे वाहन चालकों और यात्रियों को लंबे समय से रास्ते में रुकना पड़ रहा है। पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिरने के कारण मार्ग पर आवाजाही सुरक्षित नहीं रह गई है।

कूलागाड़ के पास भी राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है। यहां सड़क पर मलबा आने के कारण आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध है। एक ही हाईवे पर कई स्थानों पर रास्ता बंद होने से पिथौरागढ़ आने-जाने वाले लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।

सीमांत जिले के लिए टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। जिले को अन्य क्षेत्रों से जोड़ने में इस मार्ग की प्रमुख भूमिका है। ऐसे में घाट और कूलागाड़ के पास सड़क बंद होने से पूरे जिले की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है।

पिछले 48 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ा दिया है। कई स्थानों पर पहाड़ियों से मिट्टी, पत्थर और बड़े बोल्डर सड़कों पर गिर रहे हैं। इससे मार्गों पर वाहनों का संचालन मुश्किल हो गया है।

सबसे बड़ी परेशानी यह है कि बारिश का सिलसिला जारी रहने के कारण पहाड़ियों से मलबा गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में सड़क से मलबा हटाने के बाद भी दोबारा मार्ग बाधित होने का खतरा बना हुआ है।

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिछले 36 घंटे से यातायात ठप रहने के कारण सैकड़ों वाहन दोनों ओर खड़े हैं। इनमें जिले की ओर आने वाले और जिले से बाहर जाने वाले वाहन शामिल हैं। लंबा समय बीतने के बाद भी रास्ता सामान्य नहीं होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ती जा रही है।

मूसलाधार बारिश ने केवल राष्ट्रीय राजमार्ग ही नहीं बल्कि जिले के अन्य महत्वपूर्ण मार्गों को भी प्रभावित किया है। अधिकांश महत्वपूर्ण सड़कें बंद होने से जिले के अंदर भी लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क संपर्क बाधित होने का सीधा असर स्थानीय जनजीवन पर पड़ा है।

पिथौरागढ़ सीमांत जनपद होने के कारण यहां की सड़कों का सामरिक महत्व भी है। ऐसे में प्रमुख मार्गों का एक साथ बंद होना गंभीर स्थिति पैदा कर रहा है। जनहित के लिहाज से भी ये सड़कें बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इन्हीं के माध्यम से लोग आवश्यक कार्यों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचते हैं।

बारिश के कारण जगह-जगह सड़कें मलबे में तब्दील हो गई हैं। कई हिस्सों में पहाड़ से आए पत्थर और मिट्टी ने सड़क को पूरी तरह ढक दिया है। लगातार बारिश के बीच इन मार्गों को सामान्य करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

घाट के समीप पहाड़ी से गिर रहे भारी बोल्डर सबसे बड़ी परेशानी बने हुए हैं। यहां लगातार मलबा गिरने से यातायात बहाल नहीं हो पा रहा है। मार्ग के दोनों तरफ बड़ी संख्या में वाहन फंसे होने के कारण सड़क खुलने का इंतजार किया जा रहा है।

कूलागाड़ के पास भी स्थिति सामान्य नहीं है। हाईवे बंद होने से यहां वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई है। एक तरफ घाट और दूसरी ओर कूलागाड़ के पास सड़क बाधित होने से पिथौरागढ़ का संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण पहाड़ी मार्गों पर सफर करना भी जोखिम भरा हो गया है। भारी बारिश के दौरान मिट्टी कमजोर होने से पहाड़ों से अचानक पत्थर और मलबा गिरने का खतरा रहता है। पिछले दो दिनों की मूसलाधार बारिश के बाद यह खतरा और बढ़ गया है।

जिले के अलग-थलग पड़ने से स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले यात्रियों की परेशानी भी बढ़ी है। सड़क मार्ग ही पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन का प्रमुख साधन है। ऐसे में प्रमुख सड़कों के बंद होने से सामान्य जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है।

लगातार बारिश ने सड़क संपर्क व्यवस्था को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। मलबे और बोल्डरों के कारण कई जगह वाहन आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर फंसे वाहन चालकों को रास्ता खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है।

पिथौरागढ़ के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से आवश्यक आवागमन भी प्रभावित हुआ है। जिले के लोगों का दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। साथ ही बाहर से पिथौरागढ़ आने वाले लोगों को भी रास्ते में रुकना पड़ रहा है।

पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान सड़कें बंद होने की स्थिति पहले भी सामने आती रही है, लेकिन लगातार 48 घंटे से हो रही तेज बारिश के कारण इस बार कई महत्वपूर्ण मार्ग एक साथ प्रभावित हुए हैं। इससे पूरे जिले की संपर्क व्यवस्था पर असर पड़ा है।

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल होने के लिए पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरना रुकना जरूरी है। जब तक स्थिति सुरक्षित नहीं होती, तब तक मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सामान्य होना मुश्किल बना हुआ है।

फिलहाल पिथौरागढ़ में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। घाट के पास पिछले 36 घंटे से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद है और दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंसे हैं। कूलागाड़ के पास भी हाईवे बंद है। अधिकांश महत्वपूर्ण मार्गों पर आवागमन बाधित होने से सीमांत जिला शेष क्षेत्रों से कट गया है और लोगों को मौसम में सुधार तथा सड़कों के खुलने का इंतजार है।

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