उत्तराखंड

Chamoli में वन स्टॉप सेंटर बना महिलाओं का सहारा

SHIDDHANT
28 Oct 2025 10:42 PM IST
Chamoli में वन स्टॉप सेंटर बना महिलाओं का सहारा
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Uttarakhand उत्तराखंड: महिलाओं के सशक्तिकरण और बाल विकास के तहत संचालित केंद्र सरकार की प्रमुख योजना वन स्टॉप सेंटर (One-Stop Centre) ने उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में महिलाओं के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम किया है। चमोली जिले में यह योजना वर्ष 2019 से सक्रिय है और अब तक लगभग 350 से अधिक महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिला है। वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक रश्मि रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि यह केंद्र उन महिलाओं के लिए स्थापित किया गया है, जो घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न या किसी अन्य प्रकार के शोषण का शिकार होती हैं। उन्होंने कहा, “अधिकांश महिलाएं हमारे पास घरेलू हिंसा की शिकायत लेकर आती हैं। केंद्र में उन्हें न केवल कानूनी सहायता दी जाती है बल्कि मनोवैज्ञानिक परामर्श, अस्थायी आश्रय और चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।”
रावत ने बताया कि यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की महिला हेल्पलाइन 181 और पुलिस विभाग के सहयोग से संचालित है। केंद्र का उद्देश्य महिलाओं को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं प्रदान करना है, ताकि उन्हें विभिन्न विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा, “कई बार महिलाएं मानसिक रूप से इतनी टूट चुकी होती हैं कि उन्हें यह भी नहीं पता होता कि आगे क्या कदम उठाना है। हम उन्हें कानूनी जानकारी, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और समाज में फिर से आत्मविश्वास के साथ खड़े होने में मदद करते हैं।”
केंद्र के तहत अब तक सैकड़ों महिलाओं को न केवल न्याय दिलाने में मदद की गई है, बल्कि कई मामलों में परिवार परामर्श के माध्यम से संबंधों में सुधार भी किया गया है। रावत ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस और सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय भी लगातार किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इस सुविधा का लाभ उठा सकें। इसके तहत गांवों में कार्यशालाएं और शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां महिलाओं को उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में बताया जाता है।रावत ने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और वन स्टॉप सेंटर इस दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में यह केंद्र और अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर व सुरक्षित जीवन की ओर अग्रसर करेगा।
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