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Delhi दिल्ली। पूर्वी तट पर समुद्री तूफान 'मोन्था' (चक्रवात मोन्था) के प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार और रेलवे ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को सोशल मीडिया ग्रुप 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी दी कि रेलवे ने पूर्वी तट के तट पर विशेष साम्यवादी बैराटे स्थित वॉर रूम को सक्रिय कर दिया है और आवश्यक जानकारी दी गई है। अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट में लिखा, "पूर्वी तट पर चक्रवात मोन्था के अपेक्षित प्रभाव की तैयारी में, डिवीजनल, जोनल और बोर्ड स्तरों पर वॉर रूम सक्रिय हैं। पूर्वी तटीय डिवीजनों में आवश्यक संसाधनों को तैनात किया गया है। विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और गुंटूर में हमारी टीमें अलर्ट पर हैं। व्यवधानों को कम करने के लिए ट्रेन संचालन की बारीकी से निगरानी की जा रही है।"
रेल मंत्री ने निर्देश दिया कि रेलवे के सभी डिविजनल, जोनल और बोर्ड स्तर पर निगरानी सेल सक्रिय कर दिए जाएं ताकि किसी भी तरह की स्थिति से जुड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि विशाखापत्तनम, विजयवाडा और गुंटूर डिवीजनों में विशेष परीक्षण जारी किए गए हैं और इंजीनियरिंग, सिग्नलिंग और सुरक्षा से जुड़े रिकॉर्ड पूरी तरह से तैयार हैं। रेल मंत्रालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रेलवे सेवाओं में फ्लेक्सिबिलिटी को कम करने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। सभी भारतीय नियंत्रण कक्ष से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है ताकि ट्रेन संचालन सुरक्षित रहे और सुचारु रूप से जारी रह सके।
रेल मंत्री वैष्णव ने यह भी कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त कर्मचारी तैनात हैं, राहत सामग्री और सामान की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य किसी भी तरह का नुकसान या नुकसान कम से कम करना है। यात्रियों से अपील है कि वे मौसम की स्थिति और रेलवे के दर्शन पर ध्यान दें। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में समुद्री तूफान 'मोथा' के प्रभाव को देखते हुए इसे जारी किया है। अनुमान है कि समुद्री तट अगले 48 घंटों में पूर्वी तट के करीब आ सकता है। इसके मद्देंज़र रेलवे ने आदिवासियों के ठिकानों पर विशेष स्मारक बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
डिविजनल बेड़े के अनुसार, रेलवे की प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन में शामिल कॉन्स्टेंट सीज़न विभाग के संपर्क में हैं। ट्रेन सेवाओं को सुरक्षित रूप से चालू या अस्थायी रूप से लॉन्च करने के विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया, "सभी प्रमुख स्टेशन मास्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि जैसे ही हवा की गति कम हो या मंदी की स्थिति बने, तत्काल गति कम हो या संचालन पर रोक लगे। यात्रियों की सुरक्षा किसी भी स्थिति में सहमति नहीं की जाएगी। रेलवे ने यात्रियों को रेलवे से पहले रेलवे स्टेशन या आधिकारिक वेबसाइट पर ट्रेन की स्थिति की जांच करने की सलाह दी है। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन के अनुमोदन की भी अपील की गई है।
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