उत्तराखंड

उत्तराखंड कांग्रेस में नया घटनाक्रम हरीश रावत ने किया इस्तीफे का ऐलान

Kavita2
12 Sept 2026 9:52 AM IST
उत्तराखंड कांग्रेस में नया घटनाक्रम हरीश रावत ने किया इस्तीफे का ऐलान
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देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस में पहले से जारी आंतरिक मतभेदों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी के पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की है। शनिवार को सामने आए इस फैसले से प्रदेश की राजनीति में एक नया घटनाक्रम जुड़ गया। उनके सहयोगी चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी और नकदी तथा आभूषण मिलने की खबरों के बाद रावत ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि बरामदगी से संबंधित खबरों की सच्चाई जल्द सामने आ जाएगी।

रावत के इस्तीफे को लेकर पदों की संख्या के विवरण में अंतर है। दिए गए प्रारंभिक विवरण में सभी पदों से इस्तीफे की बात कही गई है, जबकि प्रकाशित समाचार में दो पार्टी पद छोड़ने का उल्लेख है। इसलिए फिलहाल उनके कांग्रेस के पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की बात स्पष्ट है। इसे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने या कांग्रेस से अलग होने की घोषणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखी लंबी पोस्ट में अपने फैसले की पृष्ठभूमि बताई। उन्होंने सहयोगी के घर से बड़ी मात्रा में नकदी और जूलरी मिलने की टेलीविजन खबरों का उल्लेख किया। रावत का कहना है कि इन खबरों की वास्तविकता जल्द स्पष्ट होगी। उनके इस बयान में बरामदगी से जुड़ी जानकारी पर स्थिति साफ होने की बात प्रमुख है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में उनकी पूरी पोस्ट शामिल नहीं है। इसलिए पोस्ट के अन्य हिस्सों या अतिरिक्त टिप्पणियों को उनके बयान के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

बीते दिनों ईडी ने चंदन सिंह जीना से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद नकदी और सोना मिलने की खबरें सामने आईं। यही कार्रवाई रावत के फैसले की पृष्ठभूमि में है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में बरामद नकदी की निश्चित राशि और सोने का वजन नहीं दिया गया है। इसलिए किसी अनुमानित रकम का उल्लेख उचित नहीं होगा। बरामद सामग्री के स्रोत और उससे संबंधित अन्य प्रश्नों पर भी जांच का विस्तृत विवरण सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रावत ने अपने सहयोगी से संबंधित खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए सच्चाई सामने आने की बात कही है। इस टिप्पणी को जांच का अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। छापेमारी, सामग्री की बरामदगी और किसी आरोप का सिद्ध होना अलग-अलग चरण हैं। उपलब्ध जानकारी में किसी अदालत के अंतिम निर्णय का उल्लेख नहीं है। इसी तरह इस कार्रवाई के आधार पर रावत के खिलाफ किसी आरोप की पुष्टि नहीं की जा सकती। खबर का केंद्र उनके सहयोगी से जुड़ी कार्रवाई और उसके बाद पद छोड़ने का फैसला है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर मतभेदों की चर्चा पहले से है। लेकिन रावत के इस्तीफे को केवल पार्टी की आंतरिक खींचतान का परिणाम बताना उपलब्ध तथ्यों से संभव नहीं है। उन्होंने अपनी पोस्ट में सहयोगी के घर से बरामदगी की खबरों का उल्लेख किया है। इसलिए उनके फैसले की वजह का आकलन उनके सार्वजनिक बयान के आधार पर करना अधिक उचित होगा। किसी अन्य नेता से विवाद या संगठनात्मक दबाव की जानकारी दिए गए विवरण में नहीं है।

पार्टी के पदों से इस्तीफा देने की घोषणा के बाद संगठन की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कांग्रेस नेतृत्व की ओर से इस्तीफा स्वीकार किए जाने या उस पर कोई निर्णय लेने का विवरण नहीं है। प्रदेश कांग्रेस के किसी पदाधिकारी की औपचारिक प्रतिक्रिया भी शामिल नहीं है। इसलिए रावत की घोषणा और संगठन द्वारा उस पर लिए जाने वाले निर्णय को अलग रखा जाना चाहिए। आगे पार्टी का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उनकी संगठनात्मक स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

चंदन सिंह जीना से जुड़े मामले में भी कई विवरण स्पष्ट होने बाकी हैं। छापेमारी के बाद सामने आई खबरों में नकदी और आभूषण का उल्लेख है, लेकिन संबंधित सामग्री के स्वामित्व और स्रोत पर उपलब्ध जानकारी सीमित है। जीना की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया भी दिए गए विवरण में नहीं है। ऐसे में बरामदगी को किसी निश्चित निष्कर्ष से जोड़ने के बजाय जांच से सामने आने वाले प्रमाणित तथ्यों का इंतजार जरूरी है। रावत ने भी अपने बयान में सच्चाई जल्द सामने आने की बात कही है।

सोशल मीडिया के माध्यम से अपना पक्ष रखने के कारण रावत की प्रतिक्रिया सीधे सार्वजनिक हुई है। उनकी पोस्ट में इस्तीफे की घोषणा के साथ सहयोगी से जुड़ी खबरों का संदर्भ सामने आया। हालांकि, उनके अगले राजनीतिक कदम या भविष्य की भूमिका के बारे में कोई स्पष्ट घोषणा उपलब्ध नहीं है। इसलिए सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने, किसी नई जिम्मेदारी की तैयारी करने या पार्टी बदलने जैसी अटकलों को इस फैसले से जोड़ना उचित नहीं होगा। अभी उनका निर्णय कांग्रेस के पदों से संबंधित है।

उत्तराखंड की राजनीति में अब रावत की घोषणा, कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया और ईडी की कार्रवाई से जुड़े आगे के विवरण पर नजर रहेगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने सहयोगी के घर से नकदी और जूलरी मिलने की खबरों के बीच पद छोड़ने का फैसला सार्वजनिक किया है। उन्होंने कहा है कि इसकी सच्चाई जल्द सामने आएगी। इस्तीफे पर संगठन का निर्णय और जांच से संबंधित आधिकारिक जानकारी मिलने पर इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।

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