Naini Lake बन रही 'मौत का अड्डा', एक सप्ताह में मिले तीन शव, तीन वर्षों में 25 लोगों ने की आत्महत्या

Nainital, नैनीताल: उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल की पहचान उसकी खूबसूरत नैनी झील से है, लेकिन पिछले कुछ समय से यही झील चिंता का विषय बनती जा रही है। बीते एक सप्ताह के भीतर झील से तीन शव बरामद होने और एक व्यक्ति द्वारा झील में छलांग लगाने की घटना ने स्थानीय प्रशासन और लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के कारण नैनी झील को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में नैनी झील में कूदकर आत्महत्या करने वाले लोगों की संख्या 25 तक पहुंच चुकी है। हालिया घटनाओं ने इस गंभीर समस्या को फिर से चर्चा में ला दिया है।
तीन दिन से लापता युवक का शव मिला
30 जून को नैनी झील से एक युवक का शव बरामद किया गया। शव पाषाण देवी मंदिर के पास झील में तैरता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को झील से बाहर निकाला। मृतक की पहचान नैनीताल के सात नंबर क्षेत्र निवासी 31 वर्षीय प्रकाश आर्य के रूप में हुई। वह मल्लीताल स्थित एक होटल में कार्यरत थे।
27 जून से थे लापता
जानकारी के अनुसार, 27 जून की रात करीब आठ बजे प्रकाश आर्य होटल से अपने कमरे के लिए निकले थे। बताया गया कि होटल से निकलने से पहले उन्होंने अपने एक मित्र से बातचीत भी की थी। हालांकि इसके बाद वह अपने कमरे तक नहीं पहुंचे। अगले दिन जब प्रकाश काम पर नहीं लौटे तो होटल संचालक ने उनके परिवार को इसकी सूचना दी। परिवार और परिचितों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला।
झील किनारे मिला सामान
तलाशी अभियान के दौरान परिवार को पाषाण देवी मंदिर के पास झील किनारे प्रकाश आर्य का बैग, कपड़े, जूते और दूध की बोतल मिली। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर युवक की तलाश शुरू की।
इसी बीच झील में एक शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पहचान कराई, जिसमें मृतक की पहचान प्रकाश आर्य के रूप में हुई।
पोस्टमार्टम के बाद आगे होगी कार्रवाई
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।
एएसआई सुनील कुमार ने बताया कि झील से बरामद शव की पहचान प्रकाश आर्य के रूप में हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक सप्ताह में चार घटनाएं
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह के भीतर चार लोगों ने नैनी झील में छलांग लगाई। इनमें से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति को समय रहते बचा लिया गया। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
बढ़ रही सुरक्षा को लेकर चिंता
नैनीताल आने वाले पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अब नए सिरे से सवाल उठ रहे हैं। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि झील के संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, सुरक्षा रेलिंग मजबूत करने और सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। साथ ही मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों की पहचान और उन्हें समय पर परामर्श उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों पर भी विचार किया जाएगा।





