
देहरादून। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित बैंक हड़ताल का असर देहरादून में भी देखने को मिल सकता है। जिले में सरकारी बैंकों की कुल 440 शाखाओं में से 290 शाखाएं तीन दिनों तक बंद रहने की संभावना है, जबकि 150 शाखाएं खुली रहेंगी। लगातार तीन दिनों तक बड़ी संख्या में बैंक शाखाएं बंद रहने के कारण ग्राहकों को बैंकिंग से जुड़े कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रस्तावित हड़ताल से पहले ही बैंकों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है। शुक्रवार को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सरकारी बैंक शाखाओं में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक संख्या में ग्राहक पहुंचे। लोगों ने हड़ताल की अवधि से पहले नकदी निकासी, चेक क्लीयरेंस और बैंक से जुड़े दूसरे जरूरी काम पूरे करने की कोशिश की।
बैंक हड़ताल की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्राहकों ने अपने जरूरी बैंकिंग काम पहले ही निपटाना उचित समझा। यही कारण रहा कि शुक्रवार को कई बैंक शाखाओं में सुबह से ही ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी रही। नकदी से जुड़े कामों के साथ चेक जमा करने और अन्य जरूरी बैंकिंग सेवाओं के लिए लोग शाखाओं में पहुंचे।
देहरादून जिले में सरकारी बैंकों की कुल 440 शाखाएं हैं। इनमें से प्रस्तावित हड़ताल के दौरान 290 शाखाओं के बंद रहने की बात सामने आई है। वहीं 150 शाखाएं खुली रहेंगी। ऐसे में खुली रहने वाली शाखाओं पर सामान्य दिनों की तुलना में ग्राहकों का दबाव बढ़ सकता है।
लगातार तीन दिन तक 290 बैंक शाखाएं बंद रहने का असर शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई दे सकता है। बड़ी संख्या में लोग अब भी नकदी जमा करने, बड़ी रकम निकालने, चेक संबंधी कार्य और अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए सीधे शाखाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे ग्राहकों को हड़ताल के दौरान अधिक परेशानी हो सकती है।
इस बीच लीड बैंक मैनेजर संजय भाटिया ने बताया कि रिजर्व बैंक के आदेश पर सरकारी क्षेत्र के बैंक रविवार को भी खुले रहेंगे। रविवार को बैंक शाखाएं खुलने से उन ग्राहकों को राहत मिलेगी, जिन्हें जरूरी बैंकिंग कार्य पूरे करने हैं। प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए रविवार को बैंक खुलना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैंकिंग सेवाओं को लेकर ग्राहकों ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को बैंकों में दिखाई दी अतिरिक्त भीड़ भी इसी का परिणाम रही। कई ग्राहकों ने हड़ताल के दौरान संभावित परेशानी से बचने के लिए नकदी की व्यवस्था की। वहीं जिन लोगों के चेक से जुड़े जरूरी काम थे, उन्होंने भी समय रहते उन्हें पूरा करने का प्रयास किया।
शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में स्थित बैंक शाखाओं में भी सामान्य दिनों से ज्यादा ग्राहक पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्रों में कई ग्राहक विभिन्न वित्तीय जरूरतों के लिए बैंक शाखाओं पर अधिक निर्भर रहते हैं। ऐसे में तीन दिन की प्रस्तावित हड़ताल का प्रभाव वहां भी देखने को मिल सकता है।
हालांकि जिले की सभी सरकारी बैंक शाखाएं बंद नहीं रहेंगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 150 शाखाएं हड़ताल के दौरान भी खुली रहेंगी। इससे जरूरी बैंकिंग सेवाओं के लिए कुछ विकल्प उपलब्ध रहेंगे। इसके बावजूद 290 शाखाओं के बंद रहने से खुली शाखाओं में भीड़ बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं से सीधे जुड़े कार्य सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। विशेष रूप से जिन सेवाओं के लिए ग्राहक को शाखा में उपस्थित होना जरूरी है, उनके लिए परेशानी बढ़ सकती है। यही कारण है कि हड़ताल शुरू होने से पहले लोग अपने आवश्यक बैंकिंग कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कर रहे हैं।
नकदी निकासी भी ग्राहकों की प्रमुख जरूरतों में शामिल रही। शुक्रवार को कई लोग पर्याप्त नकदी निकालने के लिए बैंक पहुंचे। त्योहारों और अन्य घरेलू जरूरतों के बीच लगातार बैंक बंद रहने की संभावना को देखते हुए लोग पहले से व्यवस्था करने में जुटे दिखाई दिए।
चेक क्लीयरेंस से संबंधित काम भी ग्राहकों ने प्राथमिकता से निपटाए। जिन लोगों को निर्धारित समय में भुगतान या लेनदेन पूरा करना था, उन्होंने हड़ताल की तारीखों से पहले बैंक पहुंचकर जरूरी प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया।
28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल के कारण तीन दिनों तक बैंकिंग व्यवस्था पर दबाव रह सकता है। हालांकि कितनी शाखाओं में कामकाज पूरी तरह प्रभावित होगा, इसकी वास्तविक तस्वीर हड़ताल शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल जिले की 290 सरकारी बैंक शाखाओं के बंद रहने की जानकारी सामने आई है।
रविवार को सरकारी क्षेत्र के बैंक खुले रहने से ग्राहकों को अपने लंबित काम निपटाने का अतिरिक्त मौका मिलेगा। लीड बैंक मैनेजर संजय भाटिया के मुताबिक रिजर्व बैंक के आदेश के तहत सरकारी बैंक रविवार को भी खुले रहेंगे। ऐसे में ग्राहक हड़ताल शुरू होने से पहले अपने जरूरी काम पूरे कर सकेंगे।
प्रस्तावित बैंक हड़ताल के मद्देनजर शुक्रवार को दिखाई दी भीड़ से स्पष्ट है कि ग्राहक पहले ही सतर्क हो गए हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोगों ने बैंक पहुंचकर नकदी निकासी, चेक क्लीयरेंस और अन्य आवश्यक काम निपटाए।
अब 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल के दौरान देहरादून में बैंकिंग सेवाओं पर नजर रहेगी। जिले की 440 सरकारी बैंक शाखाओं में से 290 के बंद और 150 के खुले रहने से बैंकिंग व्यवस्था आंशिक रूप से प्रभावित हो सकती है। ऐसे में ग्राहकों के लिए जरूरी काम समय रहते पूरा करना सुविधाजनक रहेगा।





