उत्तराखंड

लैंडस्लाइड से हाईवे पर आवाजाही प्रभावित

Saba Naaz
13 July 2026 8:46 PM IST
लैंडस्लाइड से हाईवे पर आवाजाही प्रभावित
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उत्तरकाशी। उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण चारधाम यात्रा मार्गों पर मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। यमुनोत्री हाईवे स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन के चलते लगातार पांचवें दिन भी यातायात के लिए बंद रहा। मार्ग बंद होने से चारधाम यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्यानाचट्टी क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिर रहे हैं। इस वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग को खोलने का काम प्रभावित हो रहा है। एनएच की टीम मार्ग को सुचारू करने में जुटी हुई है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी से गिर रहे पत्थरों के कारण राहत कार्यों में बाधाएं आ रही हैं।

यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को हाईवे बंद होने के कारण हनुमान चट्टी और आसपास के क्षेत्रों में रुकना पड़ रहा है। कई यात्री मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

बारिश के कारण केवल स्यानाचट्टी ही नहीं, बल्कि आसपास के कई सड़क मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन होने से यातायात व्यवस्था चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें प्रभावित मार्गों को खोलने के प्रयास में लगी हैं।

हनुमान चट्टी से जानकीचट्टी के बीच हाईवे की स्थिति भी खराब हो गई है। कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह दलदल में बदल गई है। कीचड़, फिसलन और गड्ढों के कारण छोटे और बड़े वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ सफर करना पड़ रहा है।

चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यमुनोत्री धाम पहुंच रहे हैं। ऐसे में हाईवे बंद होने से यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कई यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था का इंतजार करना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों और लोगों को भी सड़क बंद होने से परेशानी हो रही है।

प्रशासन की ओर से यात्रियों से अपील की जा रही है कि मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा की योजना बनाएं। संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक जोखिम न लेने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही मौसम में सुधार होगा, सड़क खोलने का काम तेजी से पूरा किया जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ जाती हैं। लगातार बारिश से पहाड़ कमजोर हो जाते हैं, जिससे मलबा और बोल्डर गिरने का खतरा बना रहता है। इसी वजह से चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

फिलहाल यमुनोत्री हाईवे को खोलने के लिए एनएच की टीम लगातार काम कर रही है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन स्थिति का आकलन कर रहा है। मार्ग खुलने तक श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

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