उत्तराखंड

सीढ़ी के सहारे ग्रामीणों की आवाजाही

Saba Naaz
13 July 2026 7:01 PM IST
सीढ़ी के सहारे ग्रामीणों की आवाजाही
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के मुनस्यारी क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी अब चीन सीमा की सुरक्षा और स्थानीय ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। मल्ला जोहार (मिलम) मार्ग पर स्थित बिल्जू नाले पर पक्का पुल नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मूसलधार बारिश के बाद नाला उफान पर आ गया है, जिसके चलते ग्रामीणों को सीढ़ी के सहारे अस्थायी व्यवस्था बनाकर जोखिम भरे तरीके से आवाजाही करनी पड़ रही है।

क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी नाले और गाड़-गधेरों का जलस्तर बढ़ गया है। बिल्जू नाले पर पुल नहीं होने से मुनस्यारी के सीमांत गांवों का संपर्क प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से यहां स्थायी पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मजबूरी में लोग उफनते पानी के बीच से गुजरने को विवश हैं।

इस समस्या का असर केवल स्थानीय ग्रामीणों तक सीमित नहीं है, बल्कि चीन सीमा क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों की आवाजाही पर भी पड़ रहा है। मल्ला जोहार क्षेत्र सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और यहां तक पहुंचने वाले मार्गों की स्थिति खराब होने से सुरक्षा व्यवस्था को भी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों द्वारा नाले को पार करते हुए बनाए गए अस्थायी इंतजाम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसके बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

सीमांत गांवों में बढ़ा खाद्यान्न संकट

भारत-तिब्बत-चीन सीमा क्षेत्र से जुड़े करीब 14 राजस्व सीमांत गांवों में संपर्क बाधित होने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों तक राशन, रसोई गैस और अन्य जरूरी सामान पहुंचाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

मल्ला जोहार विकास समिति ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। समिति के अध्यक्ष राम सिंह धर्मशक्त ने धारचूला विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरीश धामी को पत्र भेजकर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया है। उन्होंने सीमांत गांवों की सुरक्षा और जरूरतों को देखते हुए जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।

समिति ने मांग की है कि बिल्जू नाले पर स्थायी पुल का निर्माण युद्ध स्तर पर कराया जाए। इसके अलावा बारिश के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करने, आवश्यक वस्तुओं की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल की तैनाती करने की भी मांग उठाई गई है।

SDRF तैनाती की मांग

ग्रामीणों और समिति ने प्रशासन से सीमांत क्षेत्र में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की तैनाती की मांग भी की है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान अचानक आने वाली आपदाओं को देखते हुए स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते सुरक्षा इंतजाम करना बेहद जरूरी है।

मुनस्यारी क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सीमांत गांव न केवल स्थानीय आबादी का घर हैं, बल्कि देश की सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में यहां सड़क, पुल और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाना चाहिए।

फिलहाल बिल्जू नाले पर पुल की कमी के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें बनी हुई हैं। प्रशासन की ओर से जल्द कदम उठाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि सीमांत क्षेत्र में रहने वाले लोगों और सुरक्षा बलों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

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