
देहरादून। शिवालिक पर्वतमालाओं में लगातार हो रही तेज बारिश का असर अब बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। भारी वर्षा के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे कई गांवों को बिजली आपूर्ति करने वाली लाइन बह गई। इसके अलावा एक ट्रांसफार्मर में भी खराबी आने की जानकारी सामने आई है। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण प्रभावित गांवों के उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार बारिश के कारण नदी और बरसाती नालों में पानी का प्रवाह बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने से बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर बिजली की लाइन प्रभावित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था बाधित हुई है।
नदी का जलस्तर बढ़ने से बिजली लाइन प्रभावित
शिवालिक क्षेत्र में पिछले कुछ समय से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों से पानी का बहाव बढ़ गया और नदियों का जलस्तर भी ऊपर चला गया। इसी दौरान बिजली आपूर्ति के लिए बिछाई गई लाइन के एक हिस्से के बह जाने की सूचना है।
लाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद संबंधित गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली नहीं होने से रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ रहा है। खासकर पानी की आपूर्ति, घरेलू उपकरणों और अन्य जरूरी कामों में लोगों को परेशानी हो रही है।
बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु रखना बिजली विभाग के लिए भी चुनौती बन गया है। नदी के आसपास जलस्तर बढ़ने के कारण क्षतिग्रस्त लाइन तक पहुंचना और मरम्मत कार्य करना भी आसान नहीं है।
ट्रांसफार्मर में भी आई खराबी
बिजली लाइन के साथ एक ट्रांसफार्मर में खराबी आने की भी जानकारी मिली है। ट्रांसफार्मर प्रभावित होने के कारण उससे जुड़े उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।
विभाग की ओर से खराबी को दूर करने और बिजली व्यवस्था बहाल करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, लगातार बारिश और जलस्तर बढ़ने के कारण मरम्मत कार्य में सावधानी बरतनी पड़ रही है।
बिजली विभाग के कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित स्थानों तक पहुंचकर नुकसान का आकलन करना और सुरक्षित तरीके से लाइन तथा ट्रांसफार्मर की मरम्मत करना है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी परेशानी
बिजली आपूर्ति बाधित होने से प्रभावित गांवों के लोगों में परेशानी के साथ नाराजगी भी है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान बिजली की जरूरत और बढ़ जाती है। बिजली नहीं रहने पर मोबाइल फोन चार्ज करने, पानी की मोटर चलाने और अन्य जरूरी कार्यों में दिक्कत आती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार बिजली पर आधारित उपकरणों और पंपों पर निर्भर हैं। ऐसे में आपूर्ति बाधित होने से घरेलू काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
लोगों की मांग है कि बिजली विभाग क्षतिग्रस्त लाइन और ट्रांसफार्मर की मरम्मत जल्द पूरी करे, ताकि सामान्य आपूर्ति बहाल हो सके।
रुड़की में भी बिजली की आंख-मिचौली
उधर, रुड़की शहर के कई इलाकों में भी बारिश के बीच बिजली के आने-जाने का क्रम बना रहा। शहर में उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।
कई क्षेत्रों में थोड़ी देर के लिए बिजली आने के बाद फिर आपूर्ति बाधित हो गई। इससे लोगों के घरेलू कामकाज प्रभावित हुए। लगातार बिजली कटौती के कारण व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है।
शहर में बारिश और मौसम की खराब स्थिति के बीच बिजली व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में चिंता बनी हुई है। लोगों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से इन्वर्टर और अन्य बैकअप सिस्टम पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
बारिश ने बढ़ाई विभाग की चुनौती
शिवालिक क्षेत्र में लगातार बारिश से बिजली विभाग के सामने दोहरी चुनौती पैदा हो गई है। एक तरफ बारिश और बढ़ते जलस्तर से बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं दूसरी ओर मरम्मत टीमों को भी जोखिम वाले क्षेत्रों में काम करना पड़ रहा है।
नदी और नालों के आसपास पानी का बहाव तेज होने की स्थिति में बिजली लाइन और ट्रांसफार्मर की मरम्मत के लिए कर्मचारियों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। ऐसे में आपूर्ति बहाल करने में सामान्य परिस्थितियों की तुलना में अधिक समय लग सकता है।
सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता जरूरी
बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त बिजली लाइन के आसपास जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसे में बिजली विभाग और प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी भी गिरी हुई बिजली लाइन या क्षतिग्रस्त विद्युत उपकरण के संपर्क में आने से बचना चाहिए।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ताओं से अपील की जाती है कि यदि कहीं बिजली का तार टूटा हुआ दिखाई दे या ट्रांसफार्मर से संबंधित कोई समस्या नजर आए तो स्वयं उसे ठीक करने का प्रयास न करें और संबंधित विभाग को सूचना दें।
आपूर्ति बहाल होने का इंतजार
फिलहाल प्रभावित गांवों के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति बहाल होने का इंतजार है। विभाग की टीम क्षतिग्रस्त लाइन और ट्रांसफार्मर की स्थिति का आकलन कर मरम्मत कार्य में जुटी है।
लगातार बारिश के बीच बिजली व्यवस्था को सामान्य करना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। वहीं रुड़की शहर में भी उपभोक्ता बिजली की आंख-मिचौली से परेशान हैं।
यदि बारिश का दौर इसी तरह जारी रहता है तो बिजली व्यवस्था पर दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।





