उत्तराखंड

चाय की दुकान खोलकर शुरू की थी नई जिंदगी, वहीं मृत मिला सुरेंद्र कोली

nidhi
19 Sept 2026 10:36 AM IST
चाय की दुकान खोलकर शुरू की थी नई जिंदगी, वहीं मृत मिला सुरेंद्र कोली
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सिफारिश के बाद मिली थी चाय की दुकान
हरिद्वार: नोएडा के चर्चित निठारी कांड से जुड़े मामलों में लंबे समय तक जेल में रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत के बाद कई नई जानकारियां सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि जेल से बाहर आने के बाद कोली ने हरिद्वार में नई जिंदगी शुरू करने की कोशिश की थी। यहां उसने एक छोटी चाय की दुकान खोली थी और उसी के सहारे अपना जीवन चला रहा था। बाद में इसी दुकान में उसका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।
सुरेंद्र कोली के लिए हरिद्वार में दुकान खोलना आसान नहीं था। वह पहचान छिपाकर सामान्य जिंदगी बिताने की कोशिश कर रहा था। दुकान के लिए जगह मिलने में भी उसे परेशानी हुई। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश से किसी परिचित की सिफारिश के बाद उसे चाय की दुकान चलाने के लिए जगह मिल सकी थी। हालांकि इस कथित सिफारिश की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। चाय की दुकान शुरू करने के बाद कोली आसपास के लोगों के संपर्क में आया, लेकिन उसकी पिछली पहचान के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी थी। वह दुकान पर आने वाले ग्राहकों को चाय और अन्य सामान बेचकर अपना खर्च चला रहा था। स्थानीय स्तर पर वह सामान्य दुकानदार की तरह रह रहा था।
घटना उस समय सामने आई जब उसकी दुकान के भीतर कोई गतिविधि नहीं दिखाई दी। इसके बाद आसपास के लोगों को संदेह हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दुकान के भीतर सुरेंद्र कोली का शव पाया गया। प्रारंभिक परिस्थितियों के आधार पर मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है, लेकिन मौत की वास्तविक वजह की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही होगी।
पुलिस ने घटनास्थल की जांच कर आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि मौत से पहले कोली किन लोगों के संपर्क में था और उसकी मानसिक तथा आर्थिक स्थिति कैसी थी। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी। पुलिस उसके मोबाइल फोन और हाल की गतिविधियों की भी जांच कर सकती है। सुरेंद्र कोली का नाम 2006 में सामने आए निठारी कांड के बाद देशभर में चर्चा में आया था। नोएडा के निठारी क्षेत्र में बच्चों और महिलाओं के लापता होने तथा हत्या के मामलों में उसे आरोपी बनाया गया था। अलग-अलग मामलों में अदालतों से उसे सजा भी मिली, लेकिन बाद में कई मामलों में उच्च अदालतों से राहत मिली। कानूनी प्रक्रिया के बाद जेल से बाहर आने पर उसने सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाकर रहने की कोशिश की।
अब हरिद्वार की चाय की दुकान में उसकी मौत ने एक बार फिर उसके नाम को चर्चा में ला दिया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसने कथित रूप से आत्महत्या क्यों की और क्या इसके पीछे कोई व्यक्तिगत, आर्थिक या अन्य कारण था। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच आगे बढ़ाई है। आत्महत्या के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य जांच परिणामों का इंतजार जरूरी है।
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