उत्तराखंड

टिहरी मेडिकल कॉलेज की मांग पर सरकार की पहल, CM से मिलेगी संघर्ष समिति

Gulabi Jagat
23 Aug 2026 6:57 PM IST
टिहरी मेडिकल कॉलेज की मांग पर सरकार की पहल, CM से मिलेगी संघर्ष समिति
x
लंबे समय से उठ रही है मेडिकल कॉलेज की मांग

नई टिहरी: टिहरी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर लंबे समय से चल रहा आंदोलन अब बातचीत की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। मेडिकल कॉलेज स्थापना की मांग को लेकर 16 अगस्त से जारी अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के आठ दिन पूरे होने के बाद सरकार की ओर से वार्ता की पहल की गई है। मेडिकल कॉलेज संघर्ष समिति को मुख्यमंत्री के साथ बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है।

भाजपा जिलाध्यक्ष और टिहरी विधायक की ओर से संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री से होने वाली वार्ता की जानकारी दी गई। इसके बाद समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए प्रतिनिधिमंडल का चयन किया गया। अब 24 अगस्त को संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर टिहरी में मेडिकल कॉलेज स्थापना की मांग को प्रमुखता से रखेगा।

लंबे समय से उठ रही है मेडिकल कॉलेज की मांग

टिहरी जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग काफी समय से चली आ रही है। स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण यहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता है।

लोगों का मानना है कि मेडिकल कॉलेज बनने से जिले के लोगों को इलाज के लिए देहरादून और अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ रोजगार और शिक्षा के नए अवसर भी पैदा होंगे।

इसी मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर मेडिकल कॉलेज संघर्ष समिति का गठन किया और आंदोलन को व्यापक रूप दिया।

44 संगठनों ने मिलकर बनाई संघर्ष समिति

मेडिकल कॉलेज स्थापना की मांग को लेकर जिले के 44 सामाजिक, राजनीतिक और गैर-राजनीतिक संगठनों ने मिलकर संघर्ष समिति बनाई है। समिति का कहना है कि यह किसी एक संगठन या व्यक्ति की मांग नहीं है, बल्कि पूरे टिहरी जिले के लोगों के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।

संघर्ष समिति लगातार सरकार से टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर ठोस निर्णय लेने की मांग कर रही है।

16 अगस्त से जारी है अनिश्चितकालीन धरना

मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर नई टिहरी में 16 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया था। धरने में समिति के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए।

आंदोलनकारियों का कहना था कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिसके कारण उन्हें अनिश्चितकालीन धरने का रास्ता अपनाना पड़ा।

आठ दिनों तक चले इस आंदोलन के बाद अब सरकार की ओर से वार्ता का निमंत्रण मिलने से आंदोलनकारियों में उम्मीद जगी है।

मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएंगी प्रमुख मांगें

मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में संघर्ष समिति मेडिकल कॉलेज स्थापना से जुड़े सभी मुद्दों को विस्तार से रखेगी। प्रतिनिधिमंडल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति, मेडिकल कॉलेज की जरूरत और अब तक चले आंदोलन की जानकारी मुख्यमंत्री को देगा।

समिति को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक के बाद टिहरी मेडिकल कॉलेज को लेकर कोई सकारात्मक निर्णय सामने आ सकता है।

आंदोलनकारियों में जगी उम्मीद

सरकार की ओर से वार्ता की पहल के बाद संघर्ष समिति ने आगे की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में तय किया गया कि मुख्यमंत्री के सामने मांग को मजबूती से रखने के लिए अनुभवी प्रतिनिधियों का दल भेजा जाएगा।

अब सभी की नजरें 24 अगस्त को होने वाली मुख्यमंत्री और संघर्ष समिति की बैठक पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि यह बैठक टिहरी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

Next Story