
ऋषिकेश। पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। ऋषिकेश में गंगा का पानी चेतावनी रेखा को पार कर गया, जिससे नदी किनारे के कई घाट जलमग्न हो गए। ऋषिकेश के साथ रामझूला, तपोवन और स्वर्गाश्रम क्षेत्र में गंगा आरती के लिए बनाए गए घाटों तक पानी पहुंच गया। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुलिस दिनभर घाटों पर मुस्तैद रही और सुरक्षा के मद्देनजर संभावित खतरे वाले घाटों को खाली कराया गया।
पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश का असर गंगा के जलस्तर पर साफ दिखाई दिया। ऊपरी क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में पानी आने के कारण ऋषिकेश में नदी का बहाव बढ़ गया। देखते ही देखते गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा से ऊपर पहुंच गया। इससे नदी किनारे मौजूद लोगों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई।
ऋषिकेश में गंगा किनारे स्थित आरती घाटों पर पानी भर गया। सामान्य दिनों में जहां श्रद्धालु बैठकर गंगा आरती और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होते हैं, वहां बढ़े हुए जलस्तर के कारण पानी पहुंच गया। घाटों की सीढ़ियां भी पानी में डूब गईं।
रामझूला क्षेत्र में भी गंगा के बढ़े जलस्तर का असर देखने को मिला। यहां नदी किनारे बने घाट जलमग्न हो गए। तपोवन और स्वर्गाश्रम में भी स्थिति इसी तरह की रही। नदी का पानी तेजी से बढ़ने के कारण घाटों के आसपास लोगों की आवाजाही पर नजर रखी गई।
स्वर्गाश्रम में गंगा का पानी शिव मूर्ति तक पहुंच गया। बढ़ते जलस्तर के बीच गंगा ने शिव मूर्ति को स्पर्श किया। नदी के इस बढ़े हुए रूप को देखने के लिए आसपास मौजूद लोगों में उत्सुकता रही, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनाए रखी।
गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा पार करने के बाद ऋषिकेश, मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिसकर्मी दिनभर नदी किनारे और घाटों पर तैनात रहे। लोगों को पानी के ज्यादा करीब नहीं जाने देने और संभावित खतरे वाले स्थानों को खाली कराने पर विशेष ध्यान दिया गया।
सुरक्षा के मद्देनजर ऐसे घाटों को खाली कराया गया, जहां बढ़ते जलस्तर के कारण खतरा हो सकता था। नदी का बहाव तेज होने की वजह से घाटों पर मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए कहा गया। पुलिस ने नदी किनारे की गतिविधियों पर भी नजर बनाए रखी।
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर गंगा के जलस्तर में तेजी से बदलाव आता है। ऊपरी क्षेत्रों से आने वाला पानी ऋषिकेश पहुंचने के बाद नदी के बहाव को बढ़ा देता है। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के बाद भी यही स्थिति बनी और नदी का जलस्तर चेतावनी रेखा से ऊपर चला गया।
ऋषिकेश में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक गंगा घाटों पर पहुंचते हैं। रामझूला, तपोवन और स्वर्गाश्रम भी धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। ऐसे में गंगा का जलस्तर बढ़ने पर इन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाना जरूरी हो जाता है।
आरती घाटों के जलमग्न होने से धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। नदी किनारे सामान्य रूप से होने वाली गतिविधियों के लिए उपलब्ध जगह पानी में डूब गई। घाटों पर पानी पहुंचने के बाद लोगों को वहां से हटाने की कार्रवाई की गई।
गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच पुलिस की अलग-अलग टीमें घाटों पर तैनात रहीं। ऋषिकेश पुलिस के साथ मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखी। नदी के किनारे लोगों की भीड़ न बढ़े, इस पर भी ध्यान दिया गया।
लगातार बारिश के कारण नदी में पानी बढ़ने के साथ बहाव भी तेज हो जाता है। ऐसी स्थिति में घाटों पर उतरना जोखिम भरा हो सकता है। इसे देखते हुए पुलिस ने संभावित खतरे वाले क्षेत्रों को खाली कराने में सतर्कता बरती।
रामझूला और स्वर्गाश्रम के आसपास कई प्रमुख घाट मौजूद हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। गंगा के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर घाटों के निचले हिस्से सबसे पहले पानी में डूब जाते हैं। इस बार भी जलस्तर बढ़ने के बाद कई घाट जलमग्न हो गए।
स्वर्गाश्रम में शिव मूर्ति तक गंगा का पानी पहुंचना बढ़े हुए जलस्तर की स्थिति को दर्शाता है। सामान्य जलस्तर के दौरान नदी का पानी मूर्ति से दूरी पर रहता है, लेकिन पानी बढ़ने के बाद नदी ने मूर्ति को स्पर्श किया।
गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा पार करने के बाद प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर सतर्कता बढ़ गई। विशेष रूप से नदी किनारे रहने वाले और घाटों पर आने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। पुलिस की मौजूदगी के कारण लोगों को संभावित खतरे वाले स्थानों से दूर रखा गया।
ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्र में गंगा का धार्मिक महत्व होने के कारण नदी किनारे हमेशा लोगों की आवाजाही बनी रहती है। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। तेज बहाव के बीच थोड़ी सी लापरवाही भी जोखिम पैदा कर सकती है।
पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की स्थिति में नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखना महत्वपूर्ण है। ऊपरी क्षेत्रों में होने वाली वर्षा का असर कुछ समय बाद निचले क्षेत्रों में नदी के बहाव पर दिखाई देता है। इसी वजह से घाटों पर पुलिस की तैनाती रखी गई।
फिलहाल गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण ऋषिकेश, रामझूला, तपोवन और स्वर्गाश्रम के कई आरती घाट जलमग्न हैं। सुरक्षा के लिए संभावित खतरे वाले घाटों को खाली कराया गया है। ऋषिकेश, मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला पुलिस की टीमें घाटों पर मुस्तैद हैं।
पिछले दो दिनों की बारिश के बाद गंगा के चेतावनी रेखा पार करने से नदी किनारे सतर्कता बढ़ा दी गई है। अब पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और गंगा के जलस्तर की स्थिति पर नजर बनी हुई है। पानी कम होने के बाद ही घाटों पर स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।





