उत्तराखंड

हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे पर हाथी ने थार पर किया हमला, लोगों में मची अफरा-तफरी

Kavita2
6 Oct 2026 1:55 PM IST
हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे पर हाथी ने थार पर किया हमला, लोगों में मची अफरा-तफरी
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हरिद्वार। हरिद्वार-नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्यामपुर क्षेत्र में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जंगल से निकलकर सड़क पर आए एक हाथी ने काले रंग की थार गाड़ी पर हमला कर दिया। हाथी अचानक वाहन के पास पहुंचा और उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने लगा। इस घटनाक्रम से हाईवे पर मौजूद वाहन चालकों और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाथी जंगल की ओर से निकलकर अचानक सड़क पर आ गया। इससे पहले कि लोग स्थिति को समझ पाते, वह सीधे काले रंग की थार गाड़ी के पास पहुंच गया। हाथी ने वाहन के बेहद करीब जाकर उसे धक्का देने और नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।

अचानक हाथी को अपने सामने देखकर गाड़ी में मौजूद लोगों और आसपास खड़े लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हाईवे पर चल रहे कई वाहनों ने दूरी बनानी शुरू कर दी और कुछ समय के लिए यातायात की गति भी धीमी हो गई।

हाथी को थार की ओर बढ़ते देख आसपास मौजूद लोगों ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। लोगों की आवाज और हलचल बढ़ने के बाद हाथी कुछ देर रुका और फिर वाहन से पीछे हट गया।

इसके बाद हाथी धीरे-धीरे हाईवे को पार करते हुए दूसरी ओर जंगल में चला गया। हाथी के वापस जंगल की तरफ जाने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। गनीमत रही कि इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।

हालांकि हाथी द्वारा वाहन पर हमला करने की कोशिश से थार को नुकसान पहुंचा या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के दौरान सबसे बड़ी राहत यही रही कि कोई व्यक्ति हाथी की चपेट में नहीं आया।

श्यामपुर क्षेत्र घने जंगलों के करीब स्थित है और यहां हाथियों की आवाजाही पहले भी कई बार देखी गई है। जंगल से निकलकर हाथियों के सड़क और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने की घटनाएं इस क्षेत्र के लिए नई नहीं हैं।

हरिद्वार-नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे और बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में अचानक किसी जंगली हाथी का सड़क पर आ जाना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। खासकर रात और सुबह के समय जंगल से जानवरों की आवाजाही होने पर दुर्घटना का जोखिम बढ़ जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल के आसपास वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। हाथी जैसे बड़े वन्यजीव अचानक सड़क पर आ जाएं तो वाहन चालकों को दूरी बनाकर रुकना चाहिए और उन्हें रास्ता देना चाहिए।

वन्यजीव विशेषज्ञ भी आमतौर पर सलाह देते हैं कि हाथी के सामने वाहन रोककर हॉर्न बजाने, तेज रोशनी डालने या जानवर के बहुत करीब जाने से बचना चाहिए। ऐसी गतिविधियों से हाथी आक्रामक हो सकता है और वाहन या लोगों पर हमला कर सकता है।

इस घटना में लोगों के शोर के बाद हाथी पीछे हट गया, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में भीड़ का जानवर के बहुत करीब पहुंचना खतरनाक हो सकता है। हाथी का व्यवहार अचानक बदल सकता है और वह तेजी से हमला कर सकता है।

श्यामपुर क्षेत्र में जंगल और हाईवे के बीच दूरी कम होने की वजह से वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। कई बार हाथी भोजन या पानी की तलाश में जंगल की सीमा से बाहर आ जाते हैं और सड़क या आबादी के पास पहुंच जाते हैं।

ऐसे में वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के सामने चुनौती रहती है कि वन्यजीवों के प्राकृतिक रास्तों को सुरक्षित रखा जाए और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम किया जाए।

हाईवे पर हाथियों की आवाजाही वाले संभावित क्षेत्रों में चेतावनी संकेतक, गति सीमा और निगरानी की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है। रात के समय वाहन चालकों के लिए विशेष सावधानी जरूरी होती है, क्योंकि कम रोशनी में सड़क पर अचानक आए जानवर को देख पाना मुश्किल हो सकता है।

सोमवार की घटना ने एक बार फिर इसी खतरे को सामने ला दिया है। यदि हाथी और अधिक आक्रामक हो जाता या वाहन में बैठे लोग घबराकर बाहर निकलते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

मौके पर मौजूद लोगों ने हाथी के वापस जंगल में जाने तक दूरी बनाए रखी। कुछ समय बाद यातायात सामान्य हो गया और वाहन चालक अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।

स्थानीय स्तर पर मांग उठ सकती है कि वन विभाग ऐसे इलाकों में नियमित गश्त बढ़ाए, जहां हाथियों के हाईवे पर आने की संभावना ज्यादा रहती है। इसके अलावा वाहन चालकों को भी वन्यजीव वाले क्षेत्रों से गुजरते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करना चाहिए।

हाथियों की आवाजाही केवल वाहन चालकों के लिए ही नहीं, बल्कि खुद वन्यजीवों के लिए भी खतरा बन सकती है। तेज रफ्तार वाहन से टक्कर होने पर हाथियों और अन्य जानवरों को गंभीर चोट लग सकती है। इसलिए जंगल से होकर गुजरने वाली सड़कों पर नियंत्रित गति बेहद जरूरी है।

फिलहाल इस घटना में किसी के घायल नहीं होने से बड़ी राहत मिली है। हाथी कुछ समय तक हाईवे पर रहने के बाद दूसरी ओर जंगल में चला गया और स्थिति सामान्य हो गई।

हरिद्वार-नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग के श्यामपुर क्षेत्र की यह घटना एक बार फिर बताती है कि जंगल से सटे इलाकों में वाहन चलाते समय वन्यजीवों को लेकर सतर्क रहना कितना जरूरी है।

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