उत्तराखंड

Dehradun: केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट श्रद्धालुओं के लिए कितना फायदेमंद साबित होगा, जाने

Admindelhi1
7 March 2025 12:55 PM IST
Dehradun: केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट श्रद्धालुओं के लिए कितना फायदेमंद साबित होगा, जाने
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"सिर्फ 36 मिनट में तय होगी 9 घंटे की दूरी"

देहरादून: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम - पर्वतमाला परियोजना के तहत उत्तराखंड में सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना के विकास को मंजूरी दे दी। इससे केदारनाथ पहुंचना आसान हो जाएगा। इसके साथ ही एक अन्य परियोजना हेमकुंड रोपवे को भी कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद जो दूरी पहले 9 घंटे में तय होती थी, वह अब केवल आधे घंटे में तय हो सकेगी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि मौजूदा 8-9 घंटे की यात्रा घटकर 36 मिनट रह जाएगी। इस रोपवे पर एक समय में 36 लोग यात्रा कर सकेंगे।

इस परियोजना से हेमकुंड तक पहुंचना भी आसान हो गया। हेमकुंड परियोजना के लिए 2730 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। सोनप्रयाग और केदारनाथ के बीच रोपवे भी बनाया जाएगा। इससे केदारनाथ पहुंचना बहुत आसान हो जाएगा। कैबिनेट ने केदारनाथ रोपवे परियोजना के लिए 4081 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

सोनप्रयाग से केदारनाथ रोपवे परियोजना को डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) मोड पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की घोषणा पहली बार अक्टूबर 2022 में "पर्वतमाला परियोजना" कार्यक्रम के तहत की गई थी, इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना है।

इस रोपवे को सार्वजनिक-निजी भागीदारी में विकसित करने की योजना है और यह सबसे उन्नत ट्राई-केबल डिटैचेबल गोंडोला प्रौद्योगिकी पर आधारित होगा। यह रोपवे प्रति घंटे एक दिशा में 1,800 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगा, जबकि एक दिन में इनकी संख्या 18,000 से अधिक होगी।

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