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Dehradun देहरादून: उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने ब्रांडेड कंपनियों के जीवन रक्षक दवाओं के उत्पादों की नकल करके उन्हें बेचने के आरोप में चार कंपनी मालिकों और प्लांट प्रमुखों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले, एसटीएफ इस संबंध में कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस प्रकार, अब तक कुल दस लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसटीएफ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नवनीत सिंह भुल्लर ने सोमवार को बताया कि बाजार में जीवन रक्षक ब्रांडेड दवाओं के नकली उत्पादों की बिक्री की शिकायत मिलने के बाद गिरोह की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना एक चुनौती थी। इससे आम जनता के स्वास्थ्य पर व्यापक दुष्प्रभाव पड़ता है और राजस्व की भी भारी हानि होती है। उन्होंने बताया कि अपराधियों को रोकने और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने एसटीएफ को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
उक्त मामले में, इसी वर्ष 01 जून को, एसटीएफ ने संतोष कुमार को बड़ी मात्रा में प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नकली रैपर और नकली आउटर बॉक्स, लेबल और क्यूआर कोड के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद इस मामले में कुल 06 अभियुक्त संतोष कुमार, नवीन बंसल, आदित्य काला, देवी दयाल गुप्ता, पंकज शर्मा और विजय कुमार पांडे को गिरफ्तार किया गया है। भुल्लर ने बताया कि इस मामले में अभियुक्त केरन लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड, देहरादून, बीएलबीके फार्मास्युटिकल, देहरादून, ऑक्सी फार्मा प्राइवेट लिमिटेड, देहरादून और जेनेटिक फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, देहरादून ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए, बिना स्ट्रिप्स में पैकिंग के भारी मात्रा में दवा, लगभग 18 लाख टैबलेट, केवल अभियुक्त नवीन बंसल के मौखिक आदेश पर, बिना ड्रग लाइसेंस वाली फर्म बीचेम बायोटेक के नाम से, नवीन बंसल उर्फ अक्षय की फर्जी फर्म को बेच दी।
उन्होंने बताया कि इन कंपनियों को दवा के परिवहन में मदद करने और अपनी बिक्री को सही साबित करने के लिए, दवा के बिल में शून्य (00.00) की अधिकतम दर अंकित की गई थी। जो सरकारी अस्पतालों में आपूर्ति के लिए की जाती है। अभियुक्त नवीन बंसल उर्फ अक्षय के पास किसी भी सरकारी या अस्पताल को दवा की आपूर्ति के लिए कोई अनुबंध समझौता या अनुमति नहीं थी। एसटीएफ एसपी के अनुसार, इस प्रकार आरोपी नवीन बंसल उर्फ अक्षय ने कंपनी की मदद से भिवाड़ी (राजस्थान) में बिना स्ट्रिप वाली दवाइयों की पैकिंग करवाई और आसानी से ब्रांडेड दवा कंपनी के नाम पर स्ट्रिप्स में पैक करके सह-आरोपियों की मदद से बाजार में बेच दिया।
इस प्रकार, भिवाड़ी की उक्त फर्जी फर्म से वर्ष 2023-24 और 2024-2025 में कई बार उपरोक्त दवा कंपनियों से ये दवाइयां अवैध रूप से खरीदी गईं। उन्होंने बताया कि इस फर्जी फर्म को जानबूझकर दवाइयां सप्लाई करने के गंभीर आरोपों के मद्देनजर रविवार को 04 कंपनी प्रमुखों प्रदीप गौड़ पुत्र भगवती प्रसाद, निवासी केवी थापा मार्ग, निकट ग्रीन वैली स्कूल, सेलाकुई, देहरादून, शैलेन्द्र सिंह पुत्र खुशीराम सिंह, निवासी 407/24, उत्तमनगर, टीपी नगर, मेरठ, उत्तर प्रदेश, शिशिर सिंह पुत्र स्वर्गीय शिवशंकर सिंह, निवासी बी 603 एडब्ल्यूएचओ, निकट तुला इंस्टीट्यूट, थाना प्रेमनगर देहरादून और तेजिंदर कौर पत्नी जसमीत सिंह, निवासी एचआईजी 3 ए इंदिरापुरम, जीएमएस रोड, देहरादून को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में और जानकारी जुटाई जा रही है।
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