उत्तराखंड

CM धामी का बड़ा संदेश, जनता की समस्याओं पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

Ratna Netam
2 Nov 2026 8:23 PM IST
CM धामी का बड़ा संदेश, जनता की समस्याओं पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
x
खटीमा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा में आम जनता और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 'सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि' के मूल मंत्र के साथ काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।मुख्यमंत्री धामी ने 25 अक्टूबर को खटीमा स्थित अपने निजी आवास नगला तराई और लोहियाहेड हेलीपैड पर लोगों से मुलाकात की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ क्षेत्र की विकास संबंधी आवश्यकताओं और नागरिक सुविधाओं पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करना होगा।
सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि सरकार का मूल मंत्र
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार की कार्यप्रणाली तीन प्रमुख सिद्धांतों पर आधारित है। पहला सरलीकरण, जिसके तहत सरकारी प्रक्रियाओं को आसान और नागरिकों के लिए सुलभ बनाना है। दूसरा समाधान, जिसके माध्यम से लोगों की शिकायतों और समस्याओं का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना है। तीसरा संतुष्टि, जिसका उद्देश्य नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान से संतुष्ट करना है।उन्होंने कहा कि प्रशासन की सफलता केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सरकारी सेवाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचे।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए। प्रत्येक शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई हो और संबंधित व्यक्ति को उसकी समस्या का उचित समाधान मिले।
अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को अनावश्यक रूप से लंबित रखना उचित नहीं है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता जरूरी है, ताकि नागरिकों को सरकारी व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि आम लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए अधिकारियों को अपने स्तर पर समस्याओं का समाधान करने की दिशा में सक्रिय रहना चाहिए।
जनप्रतिनिधियों से विकास कार्यों पर चर्चा
मुख्यमंत्री धामी ने जनप्रतिनिधियों के साथ खटीमा क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों और स्थानीय आवश्यकताओं पर भी चर्चा की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को मजबूत बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे क्षेत्र की समस्याओं और लोगों की आवश्यकताओं से सीधे जुड़े रहते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय जरूरी है। इससे स्थानीय स्तर पर आवश्यकताओं की पहचान करने और उनके अनुरूप योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
जनता को मिले समय पर सरकारी सेवाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं का वास्तविक लाभ तभी है, जब जरूरतमंद लोगों को उनका फायदा समय पर मिल सके।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में लगातार काम किया जाए। नागरिकों को अपनी शिकायत दर्ज कराने और उसका समाधान प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ प्रत्येक नागरिक को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।उन्होंने अधिकारियों को जनता के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने और जनहित से जुड़े मामलों में तत्परता दिखाने का संदेश दिया।
खटीमा से मुख्यमंत्री का विशेष जुड़ाव
खटीमा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। वह इस विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। ऐसे में खटीमा में जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ उनकी मुलाकात स्थानीय राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान स्थानीय नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंचाने का अवसर मिला।जनसुनवाई कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्थानीय विकास की जरूरतों पर चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
मुख्यमंत्री के जनसंवाद कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, दर्जा राज्यमंत्री कैप्टन सेवानिवृत्त गंभीर सिंह धामी, सुरेश कोली, रणजीत सिंह नामधारी, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा और नगर पालिका परिषद खटीमा के अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।इसके अलावा जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, पुलिस अधीक्षक अपराध अनुषा बडोला और अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने जनसमस्याओं के प्रभावी निस्तारण और प्रशासनिक कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सुशासन को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह संदेश राज्य में जनसमस्याओं के समाधान को लेकर सरकार की घोषित प्राथमिकताओं को सामने लाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक व्यवस्था का उद्देश्य जनता को राहत पहुंचाना होना चाहिए।सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के सिद्धांतों के माध्यम से सरकार सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाने, शिकायतों का समय पर निस्तारण करने और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।हालांकि, इन निर्देशों का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित विभाग शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं और नागरिकों को कितना संतोषजनक समाधान मिल पाता है।खटीमा में मुख्यमंत्री की जनसुनवाई के बाद अब स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी होगी कि प्राप्त शिकायतों का निर्धारित प्राथमिकता के अनुसार समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण और नागरिक सुविधाओं को मजबूत बनाना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।
Next Story